शहर में आधी आबादी को नहीं मिल रहा पालिका का पानी

प्रदीप कुमार 

फर्रुखाबाद : शहर में नागरिकों को जरूरत का पानी उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी नगरपालिका परिषद के हवाले है। हकीकत यह है कि पालिका के पास 45 नलकूप, 12 टंकियां हैं। इनमें अधिकांश नलकूपों का संचालन आटोमाइजेशन सिस्टम से होता है। इसके बावजूद आधी आबादी को भी पानी नहीं मिल रहा है। मजबूरन लोग अपने निजी संसाधनों पर निर्भर हैं। नगरपालिका परिषद में कुल आवासों की संख्या उपलब्ध नहीं है, लेकिन पालिका क्षेत्र में 70 हजार से अधिक आवास हैं। नई कालोनियां भी हर साल बन रही हैं। पालिका के पास लगभग 25 हजार पानी के कनेक्शन हैं। नियमानुसार मकान बनने के साथ ही नगरपालिका का कनेक्शन लेना चाहिए। हर मकान पर गृहकर व जलकर देय होता है, लेकिन पानी उपलब्ध न हो पाने के कारण लोग नगरपालिका का कनेक्शन लेने में रुचि नहीं दिखाते। मकान निर्माण के साथ ही घरों में बोरिग करा लेते हैं। समर्थवान लोग सबमर्सिवल पंप लगवाते हैं, वहीं सामान्य परिवार हैंडपंप लगवा लेते हैं। दर्जनों मोहल्ले ऐसे हैं जहां पालिका के पानी की सप्लाई दशकों से नहीं हुई। पिछले एक साल से शहर में जलनिगम की ओर से पाइप लाइनें डाली जा रही हैं। उनको लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। जिन मोहल्लों में पाइप लाइनें पड़ गईं, वहां भी पानी की सप्लाई नहीं हो पाती है। पालिका ने नलकूपों का संचालन आटोमाइजेशन सिस्टम से 3 वर्ष पहले ही शुरू करा दिया था। इसके लिए पालिका कार्यालय में ही सिस्टम लगाए गए हैं। वहीं से सभी नलकूपों का संचालन होता है। 3 हजार से अधिक सरकारी हैंडपंप भी शहर में लगे हुए हैं, जिनमें बड़ी तादाद में खराब हैं। पालिका के जलकल अभियंता विजय बहादुर सिंह ने बताया कि पाइप लाइनें डालने का काम पूरा होने के बाद नए सिरे से छूटे लोगों को कनेक्शन दिए जाएंगे। जिन मोहल्ले में पानी न आने की शिकायत मिलती है, वहां व्यवस्था कराई जाती है।