चार घंटे का उत्सव, सात किलो स्वर्णाभूषण पहने युवक को दुल्हन बनाने में लगे 24 घंटे

युधिष्ठिर भूदंड 

जोधपुर. भोळावणी की शोभायात्रा को राखी हाउस के बाजार से निहारने के बाद देर रात गणगौर माता अपने ससुराल पहुंच गईं। गणगौर माता ने एक सप्ताह तक पीहर में रह कर मान मनुहार व पूजन करवाया। रविवार रात शहर में भोळावणी के मेले के साथ सिटी पुलिस फगड़ा घुड़ला कमेटी की ओर से फगड़ा घुड़ला मेला भी आयोजित हुआ। इस मेले की शोभायात्रा भीतरी शहर के सिरे बाजार निकली। शोभायात्रा में 70 झांकियां निकाली गई।

इस मेले कके आकर्षण का केन्द्र महिला का वेश धरे सिर पर घुड़ला लेकर चल रहा युवक होता है। शहर में कई स्थान पर युवकों को चयन कर उन्हें आकर्षक तरीके से तैयार करवा कर घुड़ला उठाने का अवसर प्रदान किया जाता है।

देखते रह जाते है लोग
महिलाओं के झुमकों, नथ, कंदोरा, बाजूबंध, चंदन हार, तिमणिया जैसे कई गहनों में हीरे लगाने वाले राम सोनी रविवार रात जब खुद दुल्हन के रूप में ये गहने पहनकर शहर की गलियों से निकले तो लोग देखते रह गए। मौका था भीतरी शहर के सिटी पुलिस फगड़ा-घुड़ला कमेटी के 51वें उत्सव का। कमेटी ने दो महीने पहले राम को दुल्हन बनाने का तय कर लिया था। चार घंटे शहर में घूमने वाले जुलूस के लिए राम को करीब 24 घंटे पहले से तैयारी शुरू करना पड़ी।

आसान नहीं चयन प्रक्रिया
फगड़ा घुड़ला मेले में घुड़ला उठाने वाले युवक की चयन प्रक्रिया भी कोई आसान नहीं है। इस प्रक्रिया में सिटी पुलिस फगड़ा घुड़ला कमेटी की पूरी टीम शामिल होती है। इसके लिए सभी सदस्यों की राय के साथ 4-5 लड़कों का नाम प्रस्तावित किया जाता है। इसमें से आखिरी दौर में एक युवक का चयन होता है। वहीं कई बार ऐसा भी होता है कि घुड़ला उठाने के लिए नारी के रूप में परफेक्ट दिखने वाले युवक काे ढूंढ़ा जाता है। फिर उस पर येन केन प्रकरण घुड़ला उठाने केे लिए दबाव बनाया जाता है।

24 घंटे की कड़ी मेहनत से धरा दुल्हन का रूप
फगड़ा घुड़ला मेले में इस बार घुड़ला उठाने वाले राम साेनी को दुल्हन का रूप धरने में करीब 24 घंटे का समय लग गया। राम सोनी के हाथों व पैरों की शनिवार रात ही वैक्सिंग कर दी गई थी तथा अलसुबह उसके हाथों में मेहंदी लगाई। करीब 12 बजे मेहंदी उतारने के बाद राम ब्यूटी पार्लर चले गए, जहां उनका दिनभर मैकअप में निकल गया। इस दौरान ब्यूटी पॉर्लर में तीन लड़कियों ने उन्हें दुल्हन का अंतिम रूप दिया। वहीं परिवार की महिलाएं व मित्र भी उनके साथ ब्यूटी पॉर्लर में मौजूद थे।

गहनों से लदकद थे राम
मैकअप पूरा करने के बाद उसे सुर्ख लाल रंग की ड्रेस (वरी) पहनाई गई। इस ड्रेस पर कुंदन व जरी के साथ जरदोजी का काम किया हुआ था। उसे तैयार होने में करीब 5 घंटे का समय लग गया। राम सोनी को इसके बाद परिवार की महिलाओं ने करीब 7 किलो सोने के गहने पहनाए। इन गहनों में चंदन हार, टीका, तिमणिया, नेकलेस, बाजूबंध, नथ, घुंडी, हथफूल व कंदौरा पहनाया गए थे।

जालोरी गेट से घंटाघर तक का सफर
तैयार होकर जब राम सोनी ने जालोरी गेट से घुड़ला सिर पर रखकर भीतरी शहर में प्रवेश किया तो सभी उसे निहारते रह गए। उसके आसपास में चल रहे फगड़ा घुड़ला कमेटी के सदस्य घुड़ला व गणगौर के गीत गा रहे थे। जालौरी गेट से सिरे बाजार हाेते हुए घुड़ला लेकर देर रात घंटाघर पहुंचे तथा इसके बाद घुड़ला गुलाब सागर में विसर्जित किया गया।