नरेश गोयल बोली लगाने की रेस से बाहर, अस्थाई रूप से बंद हो सकता है काम-काजः सूत्र

नकदी संकट का सामना कर रही जेट एयरवेज को लेकर एक बड़ी खबर आई है। नरेश गोयल ने जेट की बोली प्रक्रिया से अपना नाम वापस ले लिया है। सूत्रों के मुताबिक गोयल ने अपना नाम खुद वापस ले लिया है। वहीं बोर्ड की बैठक में जेट एयरवेज के मैनेजमेंट ने साफ किया है कि अगर फंड नहीं मिला तो एविएशन कंपनी के लिए काम-काज जारी रखना मुश्किल हो जाएगा। यह संकेत भी दिए कि कंपनी अस्थाई तौर पर अपना काम-काज बंद कर सकती है। वहीं, इस खबर के बाद से शेयर बाजार में कंपनी के स्टॉक में 15 फीसदी तक गिरावट दर्ज हुई।

10 से कम विमान ऑपरेशनल
इस समय जेट के महज 6-7 विमान ही उड़ान भर रहे हैं। विमानों की लीज का किराया नहीं देने के चलते जेट के करीब-करीब सभी विमान ठप पड़ें हैं। पायलट और कर्मचारियों को सैलरी नहीं मिल पा रही है। जिसके चलते उन्होंने हड़ताल की धमकी दी थी। फिलहाल सोमवार को उन्होंने हड़ताल को टाल दिया।

सरकार ने समीक्षा का दिया निर्देश
नागर विमानन मंत्री सुरेश प्रभु ने विमान किरायों में बढ़ोत्तरी और उड़ानों के रद्द होने सहित संकटग्रस्त जेट एयरवेज से जुड़े विभिन्न मुद्दों की समीक्षा का निर्देश दिया है। प्रभु ने नागर विमानन सचिव प्रदीप सिंह खारोला को यात्रियों के अधिकार एवं सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने का निर्देश भी दिया। प्रभु ने ट्वीट कर यह जानकारी दी है।

NAG ने मांगे थे 1500 करोड़ रुपए
भारी आर्थिक तंगी से जूझ रही जेट एयरवेज पायलट बॉडी नेशनल एविएटर्स गिल्ड ने सोमवार को SBI से अपील की थी कि वह 1500 करोड़ रुपए का फंड जारी करे। पिछले महीने डेट रिस्ट्रक्चरिंग प्लान के तहत एयरलाइन में 1500 करोड़ रुपए का फंड डालना प्रस्तावित था। वहीं, जेट के पायलट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एयरलाइंस की करीब 20,000 नौकरियां भी बचाने की गुहार लगाई है।