अनंतनाग में सेना और एसडीएम के बीच तू-तू, मैं-मैं , चुनाव ड्यूटी के बहिष्कार की धमकी

श्रीनगर : दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिला के उजरु क्षेत्र में  सेना के एक अधिकारी और सब डिवीजनल मजस्ट्रिेट (एस.डी.एम.) डूरु के बीच उस समय तू-तू, मैं-मैं हुई जब एस.डी.एम. की गाड़ी को सेना द्वारा कथित तौर पर क्षतिग्रस्त कर दिया गया। घटना के बारे में जानकारी मिलने के तुरन्त बाद जिला उपायुक्त मौके पर पहुंच गए और मामले का संज्ञान ले लिया। वहीं, घटना के बाद एस.डी.एम. के साथ कर्मचारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सेना के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो वह चुनाव ड्यूटी का बहिष्कार करेंगे। सूत्रों के अनुसार एस.डी.एम. डूरु गुलाम रसूल वानी काजीगुन्ड की ओर जा रहे थे। उनको सेना द्वारा उजरु इलाके में रोका गया और एस.डी.एम. की सेना के एक अधिकारी के साथ गर्म बहस शुरु हो गई। बताया जा रहा है कि सेना के जवानों ने कथित तौर पर एस.डी.एम. को पीटा और उनके वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया।

सूत्रों के अनुसार सेना की गश्ती दल के साथ बहस के बाद एस.डी.एम. डूरु और चार अन्य सरकारी कर्मचारियों को कथित तौर पर सेना के जवानों ने पीट डाला। हालांकि, कुछ समय के बाद सेना ने एस.डी.एम. और चार अन्य कर्मचारियों को छोड़ दिया। वहीं, चुनाव के लिए तैनात कर्मचारियों ने घटना के खिलाफ प्रदर्शन किया।  एस.डी.एम. डूरु जो अनंतनाग संसदीय सीट के लिए सहायक  रिटर्निंग अधिकारी भी हैं के अंतगर्त काम करने वाले कर्मचारियों ने सेना के जवानों के खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज कराए जाने की मांग को लेकर हड़ताल शुरु कर दी है।

कर्मचारियों ने कहा कि जब तक घटना में शामिल सेना के जवानों के खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज नहीं की जाती है, हम किसी भी चुनाव संबंधित काम में भाग नहीं लेंगे। कर्मचारियों ने दावा किया कि घटना में एस.डी.एम. के अलावा चार कर्मचारी घायल हो गए। उन्होंने कहा कि यदि एस.डी.एम. को इस तरह से पीटा जाता है तो सुरक्षित होने की क्या गारंटी हैं। सरकार को पहले हमें सुरक्षा मुहैया करानी चाहिए और जब तक घटना में शामिल दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती है तब तक कोई काम नहीं होगा।
सेना के प्रवक्ता कर्नल राजेश कालिया ने कहा कि सेना द्वारा विवरण का पता लगाया जा रहा है।