ओलावृष्टि प्रभावित क्षेत्रों में राजस्व टीम ने सर्वे किया, गेहूं की खड़ी फसल में 15 से 20% नुकसान

महेशचन्द्र मीणा 

रामगढ़/अलावड़ा/नौगांवा | उपखंड क्षेत्र में अाेलावृष्टि से हुए नुकसान का राजस्व विभाग की टीम ने सर्वे शुरु किया। इस दौरान करीब एक दर्जन गांवों में ओले गिरन से खेत में खड़ी गेहूं की फसल नष्ट होने की बात सामने आई। जबकि शेष गांवों में खलिहान में पड़ी फसल भीगने का मामला सामने आया। तहसीलदार धीरेन्द्र साेनी ने बताया कि मांदला, पूंठी, ललावंडी, बिलासपुर, सैंथली, मंगलेशपुर, बरवाडा, चिडवइ, जाडाेली व सिरमाैर अादि गांवाें 80 फीसदी फसल खेत से निकाली जा चुकी है। जो नुकसान हुआ है वह 15 से 20 प्रतिशत गेहूं की पछेती फसल में हुआ है सर्वाधिक नुकसान बिलासपुर व मांदला-ललावंडी अादि गावाें में पाया गया है। संबंधित हल्का पटवारी अपने क्षेत्र में किसानवार भी सर्वे कर रहे हैं।बिलासपुर गांव में गेहूं की चाैपट फसल काे दिखाते हुए सतनाम सिंह,धनीराम सैनी व कजोडऱाम चाैधरी ने बताया कि इस नुकसान की भरपाई नहीं हाे सकती। गेहूं की खड़ी फसल पूरी तरह बर्बाद हाे गई है। जिसके चलते पशुअाें काे चारा व घर के लिए अनाज भी अब खरीदना पड़ेगा। लावंडी सरपंच अनीता खींची,पूर्व सरपंच दारासिंह,मिलकपुर सरपंच रत्ती खां अादि ने बताया कि किसानाें के भारी नुकसान की खबर के बावजूद एक भी जनप्रतिनिधि किसानाें का हाल तक पूछने नहीं अाया।