10 साल से नेताओं पर उछलते रहे हैं जूते

नई दिल्ली: स्थित भाजपा मुख्यालय में पार्टी प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा पर जूता फेंकने की घटना भारतीय राजनीति की कोई नई घटना नहीं है। देश की राजनीति में दस साल से जूता उछाला जा रहा है। वर्ष 2008 में तत्कालीन अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश पर जूता चलने के बाद दुनिया में नेताओं पर जूता चलने का चलन शुरू हुआ था। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के साथ ऐसी घटनाएं दोहराई गई हैं।

देश में जूता चलने की प्रमुख घटनाएं
7 अप्रैल 2009 को दिल्ली में एक प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान तत्कालीन गृहमंत्री पी. चिदंबरम पर पत्रकार जरनैल सिंह ने जूता फेंका। बाद में वह आप में शामिल हुए और राजौरी गार्डन से विधायक बने मगर यहां से इस्तीफा देकर उन्होंने पंजाब से मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के खिलाफ चुनाव लड़ा, जिसमें वह जीत नहीं सके।

16 अप्रैल 2009 को मध्य प्रदेश के कटनी में भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी पर पार्टी के ही कार्यकर्ता पावस अग्रवाल ने चप्पल फेंकी। पावस को गिरफ्तार कर लिया गया था।

26 अप्रैल 2009 को तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर अहमदाबाद में एक चुनाव रैली में जूता फेंका गया। पुलिस ने हमलावर युवक को पकड़ लिया पर मनमोहन सिंह ने उस पर केस न चलाने को कहा।

15 अगस्त 2010 को जम्मू कश्मीर के तत्कालीन मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर स्वतंत्रता दिवस समारोह में एक निलंबित पुलिस कांस्टेबल अब्दुल अहद जहां ने जूता फेंका था।

18 अक्तूबर 2011 को लखनऊ में टीम अन्ना के तत्कालीन सदस्य अरविंद केजरीवाल पर जूता उछाला गया।

26 अप्रैल 2011 को कांग्रेस नेता और कॉमनवेल्थ घोटाले के आरोप सुरेश कलमाडी पर मनोज शर्मा नाम के व्यक्ति ने जूता फेंका था।

24 जनवरी 2012 को तत्कालीन कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी पर देहरादून की एक चुनावी रैली में जूता फेंका गया। भीड़ जब उसे पीटने लगी तो राहुल ने उसे बचाया।

9 अप्रैल 2016 को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर दिल्ली सचिवालय में आम आदमी सेना के वेद प्रकाश ने जूता फेंका था।
11 जनवरी 2017 को पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल पर इनके अपने इलाके लंबी में संगत दर्शन के दौरान एक व्यक्ति ने जूता फेंका था।

6 मार्च 2019 यूपी के संतकबीर नगर में भाजपा सांसद शरद त्रिपाठी ने पार्टी विधायक राकेश बघेल को चार सेकेंड में सात जूते मारे थे।

बुश पर जूता पड़ा और शुरू हुआ चलन
15 दिसम्बर 2008 को तत्कालीन अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश पर इराकी पत्रकार मुंतजर अल जैदी ने जूता फेंका था। इस घटना के बाद जैदी अरब दुनिया के हीरो बन गये थे। जैदी की इस हरकत के बाद पूरी दुनिया में नेताओं पर जूता फेंकने का चलन सा ही चल निकला। भारत भी इससे अछूता नहीं रहा। इस घटना पर कंप्यूटर गेम और मुंतजर के टीशर्ट भी बाजार में आए।

एक करोड़ डालर का जूता
बुश पर जैदी ने यह जूता फेंका था। नीलामी में यह एक करोड़ डालर में बिका था। घटना के बाद एक सप्ताह में कंपनी को इसी तरह के 30 हजार जूते बनाने का आर्डर मिले थे।

दुनिया में जब चला जूता

6 मार्च 2009 को ईरानी शहर उरुमिये में ईरानी राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद पर जूता चला।

7 अगस्त 2010 को पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी पर इंग्लैंड के शहर बर्मिंघम में एक  समुदायिक रैली के दौरान जूता फेंका गया।

7 फरवरी 2011 को पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ पर लंदन में एक सभा के दौरान जूता चला, मगर यह उन तक पहुंचा नहीं।

29 मार्च 2013 को इस्लामाबाद में अदालत के बाहर पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को जूता मारा जो उनकी नाक पर लगा था।