कसाब को पकड़ने वाले हेमंत करकरे की शहादत पर बोली साध्वी प्रज्ञा- उसे कर्मों की सजा मिली

भोपाल: भोपाल से उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा ने मुंबई हमले में शहीद हुए एटीएस चीफ हेमंत करकरे को लेकर विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ‘हेमन्त करकरे ने मुझे गलत तरीके से फंसाया। मैंने उन्हें बताया था कि तुम्हारा पूरा वंश खत्म हो जाएगा, वो अपने कर्मों की वजह से मरे हैं।’

‘हेमन्त करकरे को संन्यासियों का श्राप लगा’ 
साध्वी ने कहा कि, ’पूर्व एटीएस चीफ हेमन्त करकरे को संन्यासियों का श्राप लगा था। जिस दिन मैं जेल गई थी, उसके 45 दिन के अंदर ही आतंकियो ने उसका अंत कर दिया’। आगे कहा कि, ‘हेमन्त करकरे से कहा गया था कि अगर ये निर्दोष है तो छोड़ दो, बावजूद इसके वह घंटों पूछताछ के नाम पर प्रताड़ित करता था’।  साध्वी बोलीं, ’ये उसकी कुटिलता था ये देशद्रोह था धर्मविरुद्ध था, वो मुझसे पूछता था कि क्या मुझे सच के लिए भगवान के पास जाना होगा, तो मैंने कहा था कि आपको जरूरत है तो जाइए।’

कौन थे हेमंत करकरे?
हेमंत करकरे मुंबई आतंकी हमले में कसाब को पकड़ते समय आतंकवादियों की गोलियों का शिकार हुए थे। इसके अलावा जिस केस में साध्वी प्रज्ञा आरोपी थीं, उस मालेगांव सीरियल ब्लास्ट की जांच इनके पास ही थी। हालांकि, उनकी चार्जशीट पर कई तरह के सवाल खड़े हुए थे। 26/11 आतंकी हमले में शहीद तत्कालीन एटीएस प्रमुख हेमंत करकरे का जन्म 12 दिसंबर 1954 को करहड़े ब्राह्मण परिवार में हुआ था। 1982 में वो आईपीएस अधिकारी बने, महाराष्ट्र के ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर के बाद इनको एटीएस चीफ बनाया गया था।इस दौरान इन्होंने कई कारनामे किए। 26 नवंबर 2009 में इस शहीद की शहादत को सलाम करते हुए भारत सरकार ने मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया था।