भाेग के लिए 32 क्विंटल का प्रसाद बना; रोलर से बेला, 4 ट्रक कंडों से सिकाई की

गर्वित श्रीवास्तव 

जोधपुर के नजदीक फलोदी में शुक्रवार को हनुमान जयंती के मौके पर भगवान हनुमानजी की चार प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। इसके लिए 38.25 क्विंटल का प्रसाद (रोट) बनाया गया। प्रसाद बनाने में क्रेन, बुलडोजर और मशीन का भी इस्तेमाल किया गया। जय सियाराम सेवा समिति आश्रम के संत रामदास महाराज ने बताया कि भोग के लिए 24 क्विंटल आटा, 3 क्विंटल सूजी और 35 टिन देसी घी लगा।रसाद बनाने का काम 17 अप्रैल को शाम 4 बजे शुरू हुआ। आटे और सूजी को मिलाने के बाद इसे मशीनों से गूंथा गया। गूंथने के लिए चार मशीनें लगाई गईं। इसके लिए आश्रम ने 2 मशीनें नई खरीदीं और 2 मशीनें संस्थाओं से मंगवाईं। आटा गूंथने में 1700 लीटर पानी लगा। आश्रम के अशोक कुमार मोखा ने बताया कि चार मशीन से गूंथने और बेलने में आठ घंटे लगे। इसके लिए गूंथे हुए आटे को एक बड़े ट्रेलर पर रखा गया। हाइड्रो में लगे रोलर की मदद से बेला गया। इसकी मोटाई करीब एक फीट रखी गई।

  • 17 अप्रैल को शाम 4 बजे शुरू हुई यह प्रक्रिया रात 11.30 बजे पूरी हुई। इसके बाद तीन ट्रक उपले बिछाए गए। उस पर रोट रखा गया। फिर एक ट्रक उपले रखे गए। करीब 25 घंटे सिंकाई के बाद रोट को उपलों से निकाला गया। इसे प्रसादी के रूप में वितरित किया जाएगा। रोट को उपलों पर रखने और सेंकने में बुलडोजर की मदद ली गई।

चूरमा में छह क्विंटल काजू, किशमिश और बादाम मिलाए जाएंगे
रोट का चूरमा बनाया जाएगा। इसमें करीब साढ़े छह क्विंटल काजू, किशमिश, बादाम, देसी शक्कर, गुड़ और इलायची आदि मिलाए जाएंगे, जिससे इसका कुल वजन 38.75 क्विंटल हाे जाएगा। इस प्रसादी का वितरण हनुमान जंयती पर भक्तों को किया जाएगा। भगवान हनुमानजी की चार प्रतिमाओं में से तीन प्रतिमाएं मार्बल की और एक अष्टधातु की हैं।