अनुमति प्राप्त होने की प्रतीक्षा ना करें अधिकारी,जरूरी होने पर निजी टैंकरों से भी होगा जल प्रदाय

भोपाल: प्रदेश में दिनप्रतिदिन गहरा रहे जल संकट को लेकर शासन प्रशासन सतर्क हो गया है। नगरीय क्षेत्रों में जलप्रदाय व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए संभागायुक्त कल्पना श्रीवास्तव ने कलेक्टर्स एवं संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित किया है कि पेयजल की व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के प्रयास सुनिश्चित किए जाए। उन्होंने कहा कि जहां तक हो सके पेयजल परिवहन करने से पूर्व से उपलब्ध संसाधनों का शत-प्रतिशत उपयोग किया जाए जिससे शासन के संसाधनों का समुचित उपयोग हो सके।

रुचि श्रीवास्तव ने इस संबंध में नगरीय विकास एवं आवास विभाग के प्रमुख सचिव द्वारा जारी परिपत्र अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। संभागायुक्त ने कहा है कि संभाग के किसी भी जिले में यदि पेयजल परिवहन की स्थिति उत्पन्न होती है तो सर्वप्रथम नगरीय क्षेत्र में स्थित निकायों के समस्त जलस्त्रोतों जैसे बांध, जलाशय, नदी अथवा नलकूप में उपलब्ध जल का उपयोग किया जाए। उन्होंने कहा है कि निकायों के जल स्त्रोतों में पानी समाप्त होने की दशा में नगर के आसपास स्थित शासकीय अथवा निजी नलकूपों का अधिग्रहण कलेक्टर्स के माध्यम से करें। अधिकारी अधिग्रहित नलकूपों को निकायों की वर्तमान व्यवस्था से जोड़कर पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था की जाना सुनिश्चित करें।

इतना ही नहीं यदि सभी प्रयासों के बावजूद भी जल संकट की स्थिति उत्पन्न होती है जो पेयजल परिवहन का कार्य किया जाए। पेयजल परिवहन के लिए सर्वप्रथम निकाय के अधिग्रहित जलस्त्रोतों तथा निकाय के टैंकर्स का ही उपयोग किया जाए। जल प्रदाय व्यवस्था सुचारू रखने के लिए अन्य कोई विकल्प न होने की दशा में निजी टैंकरों से परिवहन का कार्य किया जा सकता है। निजी टैंकरों से पेयजल परिवहन की स्थिति उत्पन्न होने पर प्रस्ताव बनाकर नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय को प्रेषित किए जाएं। संचालनालय से परिवहन की अनुमति प्राप्त होने की प्रतीक्षा न करते हुए पेयजल व्यवस्था सुचारू रखने के लिए पेयजल परिवहन का कार्य प्रारंभ किया जा सकता है।