कमरे से आ रही थी मिट्टी तेल की बदबू
कमरे से मिट्टी के तेल की तेज बदबू आ रही थी और पास में ही माचिस की डिब्बी पड़ी थी। कड़ी मशक्कत के बाद लोगों ने किसी तरह आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक शांति पूरी तरह से झुलस चुकी थी। पुलिस घटनास्थल पर पहुंची, लेकिन तब तक शांति ने दम तोड़ दिया। इसके बाद दिनेश को गंभीर अवस्था में सीएचसी मोहनलालगंज ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने सिविल अस्पताल रेफर कर दिया। हालांकि, इलाज के दौरान दिनेश की भी मौत हो गई। एसओ निगोहां जगदीश पांडेय के मुताबिक मृतका के घरवालों को घटना की जानकारी दे दी गई है। आग कैसे लगी, इसके बारे में छानबीन की जा रही है।

सिर से छिन गया माता-पिता का साया
घटना के वक्त विशाल और माही घर पर ही मौजूद थे। विशाल ने बताया कि सुबह से ही मम्मी पापा की आपस में लड़ाई हो रही थी। तेज आवाज सुनकर वह एक बार कमरे में गया तो उसे पापा ने बाहर भगा दिया। इस घटना से दोनों बच्चे बेहद डरे हुए हैं। ग्रामीण दोनों बच्चों की देखरेख कर रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक पति-पत्नी में पहले कोई विवाद नहीं होता था। एक माह पूर्व दोनों कहीं बाहर गए थे। वापस आने के बाद से ही दोनों में मनमुटाव शुरू हुआ था।

एंबुलेंस नहीं आई, तड़पता रहा दिनेश
गंभीर रूप से झुलसे दिनेश को अस्पताल ले जाने के लिए ग्रामीणों ने 108 एंबुलेंस को फोन किया, लेकिन वह नहीं आई। इसके बाद पुलिस ने आनन-फानन एनएचआइ की एंबुलेंस को बुलाया और उसी से दिनेश को गांव के सुरेंद्र वर्मा के साथ सीएचसी भेजा गया। यहां पर डॉक्टरों ने दिनेश को सिविल अस्पताल ले जाने की सलाह दी। इस पर गांव के सुरेंद्र और सिपाही ने दोबारा एंबुलेंस से संपर्क किया तो उसने गोसाईगंज में होने की बात कही। इस दौरान दिनेश जमीन पर रखे स्ट्रेचर पर तड़पता रहा। काफी देर एंबुलेंस आई और दिनेश को सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी भी इलाज के दौरान मौत हो गई।