भीलवाड़ा-अब किसानों पर सरकार की मार, खराबा 80 % से ज्यादा, रिपोर्ट में 10 % भी नहीं

भीलवाड़ा

गोपाल पाटोदिया 

लगातार दाे दिन बारिश व अाेलावृष्टि से किसानाें की फसलें खराब हाे चुकी हैं। अब सरकारी प्रक्रिया इनकी उम्मीद ताेड़ रहे हैं।

विभागाें के अाकलन ने माैसम से भी ज्यादा मार इनकी उम्मीद पर की। किसानाें का दावा है कि 80 फीसदी से ज्यादा खराबा हुअा है जबकि विभागाें के प्रारंभिक अाकड़े 10 फीसदी ही नुकसान मान रहे हैं। कृषि विभाग निदेशक जीएस चावला काे कहना है कि इस बार गेंहू, सरसाे, व चना कि बुअाई 1 लाख 15 हजार हैक्टर में कि गई। अधिकतर फसले किसानाें कि कट गई थी अाेर घराे मे थी जाे लाेगाे 8 से 10 प्रतिशत फसले जाे कटी हुई खेताे में पड़ी थी उनके खराब हाेने का अंदेशा है। ईनाणी खेड़ा, हुरड़ा के महिपाल जाट, ईश्वर, लादू, महिपाल पुत्र नेहरचंद, नारायण पुत्र पन्ना ने बताया कि गेंहू, जाै, चना, सरसाें व सब्जियों की फसल खराब हाे चुकी है। 80 से 90 प्रतिशत खराबा है लेकिन तक काेई रिपाेर्ट लेने नहीं अाया। गाेविंदपुरा, नंदराय के अब्दुल रज्जाक, जगन्नाथ, हासम, लादूलाल, शांतिलाल, बंसतीलाल अादि का कहना है कि खड़ी व कटी हुई फसल खराब हाे चुकी हैं। काफी अास थी। अभी सर्वे नहीं हुअा। काछाला के प्रभुलाल, मंजू देवी, सीता देवी के अनुसार अचानक बारिश व अाेलावृष्टि से फसल बुरी तरह खराब हाे चुकी है। इसके उलट, प्रशासनिक जानकारी सही मानें ताे जिले में 16 में से 12 तहसीलों में काेई नुकसान नहीं हुअा है। हमीरगढ़, बदनाैर, बिजाैलिया, हुरड़ा, जहाजपुर, काेटड़ी, मांडल, करेड़ा, रायपुर, सहाड़ा, शाहपुरा व फूलिया के तहसील कार्यालयाें की रिपाेर्ट के अनुसार 80 से 95 प्रतिशत फसलें कट चुकी हैं। नुकसान नहीं हुअा है। हुरड़ा व काेटड़ी में 6 प्रतिशत, मांडल में 5 प्रतिशत, रायपुर में 7 प्रतिशत, सहाड़ा में 8, शाहपुरा व फूलिया में 10-10 प्रतिशत कटी हुई फसल खराब हुई है।