स्टिंग के जरिये अमीरों को ब्लैकमेल करती है यह खूबसूरत लड़की, चैनल मालिक भी है शामिल

नोएडा  केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा का वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने वाले प्रतिनिधि न्यूज चैनल के मालिक आलोक कुमार के गैंग में 40 से 50 लोग शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि, अभी तक छह से सात लोगों के नाम ही सामने आए हैं। जांच में पता चला है कि आलोक नेताओं व प्रभावशाली लोगों का स्टिंग ब्लैकमेलिंग के लिए कराता था। इसके लिए वह पहले स्टोरी तैयार करता था। इसके बाद अपनी टीम के साथ बैठक कर स्टिंग की रूपरेखा तैयार कर उन्हें उनके पास भेजता था। कैलाश अस्पताल से गिरफ्तार पूर्व संवाददाता नीशू से तीन घंटे से अधिक समय तक हुई पूछताछ में यह सब बातें सामने आई हैं।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार युवती ने दावा किया है कि इस गैंग में 40 से 50 लोग शामिल है। आलोक कुमार देश भर के प्रभावशाली लोगों व मंत्रियों आदि के बारे में पूरी जानकारी हासिल करता था। इसके बाद वह ¨स्टग करने के लिए एक स्टोरी तैयार करता था। स्टोरी में चार-पांच लोग किरदार होते थे। उन्हें नेताओं से मिलने के दौरान क्या बोलना है, वह सब लिख कर दे दिया जाता था। टीम में शामिल सभी लोगों को कुछ दिन पहले ही स्टोरी के डायलॉग दे दिए जाते थे। डायलॉग याद करने के बाद आलोक उनके साथ सेक्टर 63 स्थित प्रतिनिधि चैनल कार्यालय या अन्य स्थान पर बैठक करता था। जब उसे लगता था कि टीम ¨स्टग के लिए पूरी तरह से तैयार है, तब उन्हें नेताओं या प्रभावशाली लोगों के पास भेजता था।

वर्ष 2012 से आलोक से जुड़ी है पत्रकार नीशू
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार पत्रकार नीशू मूलरूप से बिहार की रहने वाली है। उसके पिता की मौत हो चुकी है, जबकि उसकी मां नरेला, दिल्ली में रहती है। वह वर्ष 2012 में बिहार से दिल्ली अपनी मां के पास आई। इसके बाद उसकी मुलाकात प्रतिनिधि चैनल के मालिक आलोक कुमार से हुई। आलोक कुमार भी बिहार का ही रहने वाला बताया जा रहा है। तभी से वह उसके साथ ही चैनल में काम कर रही थी। वर्ष 2016 में नोटबंदी के कुछ माह बाद आर्थिक तंगी के चलते न्यूज चैनल बंद हो गया, तब उसने नौकरी छोड़ दी। इसके बाद उसने कुछ महीने तक अन्य छोटे संस्थानों में नौकरी की। उसने पुलिस को बताया कि दूसरे संस्थानों में उसे 8 से 10 हजार सैलरी मिलती थी। इस सैलरी से उसके खर्चे पूरे नहीं हो पा रहे थे।

एक साल पहले दोबारा आलोक से जुड़ी और करने लगी स्टिंग
युवती ने पुलिस को बताया कि आर्थिक तंगी से जूझने पर वह एक साल पहले दोबारा आलोक से मिली। इस दौरान उसने अपनी आर्थिक तंगी का जिक्र करते हुए कोई अच्छी नौकरी दिलाने की मांग की। इस पर आलोक ने उसे बताया कि उसके पास अच्छा काम आया है और उसे अपनी टीम में शामिल कर लिया। इसके बाद वह आलोक के साथ मिल कर तीन मंत्रियों के पास गई थी। उन लोगों से बातचीत के दौरान ऑडियो व वीडियो रिकॉर्ड कर लेते थे। इस दौरान जानबूझ कर कुछ ऐसे शब्द बोलने के लिए उन्हें मजबूर किया जाता था, ताकि बाद में ब्लैकमेल किया जा सके।

एनजीओ में कर चुकी है काम
पुलिस का दावा है कि पत्रकार नीशू ने समाज सेविका उषा ठाकुर के एनजीओ में कुछ महीने तक काम भी किया है। बाद में नीशू एनजीओ छोड़ कर चैनल में नौकरी करने लगी। इसी के बाद उसने आलोक की उषा ठाकुर से मुलाकात कराई थी। अभी तक की जांच में उषा ठाकुर के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिला है। इतना जरूर है कि वह भी युवती के साथ केंद्रीय मंत्री के पास गई थीं।

परिवार से नहीं है मधुर संबंध
पुलिस का कहना है कि युवती अपनी मां से अलग सेक्टर 99 में किराए पर रहती थी। उसके साथ एक और युवती रहती है। उसकी मां से उसका संबंध अच्छा नहीं है। वह उससे मिलने भी नहीं जाती है और उसकी मां भी दिल्ली से नोएडा नहीं आती है। पुलिस उसकी मां से भी पूछताछ कर उसके बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास करेगी।