पवन व्यास हत्याकांड केस व चुरु से अपह्त बच्ची की सूचना देने वाले को अब 50 हजार रुपए का मिलेगा ईनाम

प्रदेश के हनुमानगढ़ जिले में हुए पवन व्यास हत्याकांड के फरार मुल्जिमों और चुरु से अपहृत हुई बच्ची रेणुका के अपहरणकर्ताओं पर एसओजी ने ईनाम राशि बढ़ाकर 50 हजार रुपए कर दी गई है। पहले यह राशि 25 हजार रुपए थी। इस संबंध में एसओजी के डीजी भूपेंद्र सिंह ने सोमवार को आदेश जारी किए।डीजी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि 17 अक्टूबर 2017 को हनुमानगढ़ जिले के नोहर कस्बे में वार्ड नंबर 2, जसाना गांव के रहने वाले ई मित्र संचालक पवन कुमार व्यास(45) की अज्ञात हमलावरों ने गर्दन की नसें काटकर हत्या कर दी थी। इस संबंध में नोहर थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ था।पुलिस को सफलता नहीं मिलने पर एसओजी को यह केस अनुसंधान के लिए सौंपा गया। लेकिन डेढ़ साल बाद भी पुलिस को सफलता नहीं मिली और हत्यारे पुलिस की गिरफ्त से दूर है। इस हत्याकांड के बाद हनुमानगढ़ और अन्य जिलों में कई सामाजिक संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया था।तब एसओजी ने 13 मार्च 2019 को हत्यारों की सही सूचना देने वाले, उन्हें पकड़वाने में मदद करने वाले व्यक्ति को 25 हजार रुपए का नकद ईनाम देने की घोषणा की था। जिसे एसओजी के डीजी भूपेंद्र कुमार ने सोमवार को एक आदेश जारी कर 25 से बढ़ाकर 50 हजार रुपए कर दिया। इसी तरह, चुरु जिले में डालमाण गांव निवासी सीताराम जाट की सात वर्षीया बेटी रेणुका का 29 नवंबर 2013 को अपहरण हो गया था। इस संबंध में भालेरी थाने में अपहरण का मुकदमा दर्ज हुआ था। इस केस का अनुसंधान चुरु जिला पुलिस और एसओजी द्वारा किया गया। लेकिन मामले में कोई सफलता पुलिस को नहीं मिली।नाहीं अगवा बच्ची रेणुका का पता चला और नाहीं उसे अपहरण करने वाले बदमाश पकड़े जा सके। इस संबंध में एसओजी ने 20 जुलाई 2018 को अपहरणकर्ताओं या बच्ची के बारे में सही सूचना देने वाले व्यक्ति को 25 हजार रुपए का ईनाम देने की घोषणा की थी। इस केस में भी डीजी भूपेंद्र सिंह ने 22 अप्रेल 2019 को ईनाम राशि 25 से बढ़ाकर अब 50 हजार रुपए कर दिया।