चाइल्ड पोर्नोग्राफी Videos पर लगाम लगाने में नाकाम व्हाट्सएप!

भारत में व्हाट्सएप चैट ग्रुप्स का इस्तेमाल यौन उत्पीड़न के वीडियोस शेयर करने के लिए किया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक भारत में काफी मात्रा में चाइल्ड पोर्नोग्राफी वीडियोस को यूजर्स ग्रुप्स में शेयर कर रहे है, ऐसे में इन पर लगाम लगाने की सख्त जरूरत है। सायबर सिक्यॉरिटी से जुड़ी सायबर पीस फाउंडेशन (CPF) ने मार्च में दो सप्ताह से अधिक समय तक जांच की जिसमें पता लगाया गया कि पोर्नोग्राफी कन्टैंट से जुड़े दर्जनों व्हाट्सएप ग्रुप अभी भी काम कर रहे हैं।

इस कारण बढ़ रही फिजिकल कॉन्टैक्ट वाली वीडियोस

सायबर पीस फाउंडेशन में ट्रेनिंग्स को कन्ट्रोल कर रहे नीतीश चंदन ने कहा है कि बहुत से ऐसे ग्रुप्स हैं जो पैसों के बदले बच्चों और अडल्ट्स के फिजिकल कॉन्टैक्ट वाली वीडियोस को बढ़ावा देते हैं।’ इस पर व्हाट्सएप के प्रवक्ता ने कहा कि हम यूजर्स की सुरक्षा का काफी ध्यान रखते हैं वहीं हम बच्चों के यौन उत्पीड़न को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करते हैं। हम सुनिश्चित करते हैं कि इस तरह के अकाउंट्स को बैन किया जाएगा।

रिपोर्ट के मुताबिक पिछले तीन महीनों में बच्चों की अनुचित गतिविधियों को दिखाने वाले लगभग 2,50,000 अकाउंट्स को दुनिया भर में बैन किया गया है। हालांकि अभी भी बच्चों के यौन उत्पीड़न के वीडियोस शेयर करने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप्स का इस्तेमाल जारी है।

व्हाट्सएप ने किया केंद्र सरकार का विरोध

आपको बता दें कि फेक न्यूज, भड़काऊ भाषण और यौन उत्पीड़न वाले कॉन्टेंट को फैलाने वालों को पकड़ने के लिए केंद्र सरकार ने व्हाट्सएप के मेसेज को ट्रेस करने की सुविधा मांगी थी, लेकिन व्हाट्सएप ने इसका भी विरोध कर दिया। इस पर व्हाट्सएप ने कहा कि यह एक एनक्रिप्टेड प्लैटफॉर्म है। होम मिनिस्ट्री और इंफर्मेशन टैक्नॉलजी मिनिस्ट्री को भेजी गई ईमेल का उत्तर कम्पनी ने नहीं दिया।