जयपुर / एसएमएस हॉस्पिटल में आधी रात को लगी भीषण आग, लपटों व धुआं से मरीजों में अफरा-तफरी मची

मीनाक्षी पारीक 

 जयपुर. प्रदेश के सबसे बड़े सवाई मानसिंह अस्पताल में गुरुवार आधी रात को बड़ी आग लग गई। आग की वजह से धुंआ तेजी से अस्पताल परिसर में बने वार्डों में फैल गया। इससे वहां भर्ती और उनके परिजनों में अफरा तफरी का माहौल हो गया। वहीं, चीख पुकार मचने से अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर घटनास्थल पर पहुंचे दमकलकर्मियों ने आग पर करीब दो घंटे में काबू पाया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह आग एसएमएस अस्पताल के एनांकोलोजी वार्ड के पीछे कपड़े धोने वाली जगह पर शार्ट सर्किट की वजह से लगी। जिसने सबसे पहले मेडिकल शॉप लाइफ लाइन को चपेट में ले लिया।

सीएफओ जगदीश फुलवारी ने बताया कि सुबह करीब 3:15 एसएमएस अस्पताल में बड़ी आग लगने की सूचना मिली थी। तब शहर के विभिन्न फायर स्टेशनों से 12 दमकलों को घटनास्थल पर भेजा गया। तब अस्पताल परिसर में आग की वजह से धुंआ काफी भर गया था।इससे वहां खिड़की दरवाजों के शीशे तोड़ने पड़े। इसके बाद दमकलकर्मियों ने हॉस्पिटल के मुख्य और पिछले गेट से आग बुझाना शुरु किया। फुलवारी के मुताबिक आग सबसे पहले ग्राउंड फ्लोर पर बनी लाइफ लाइन मेडिकल शॉप में लगी। इसके बाद दूसरी मंजिल तक आग की लपटें पहुंच गई।जिससे वहां वार्डों में धुंआ भर गया। इससे वहां अफरा तफरी मच गई। रात 3 बजे नींद में सो रहे मरीज व उनके परिजन बदहवास हो गए। वे वार्ड से निकलकर बाहर भाग निकले। सूचना मिलने पर एसएमएस अस्पताल चौकीप्रभारी एएसआई राजेंद्र शर्मा और अन्य मेडिकल स्टॉफ आ गया।आग का प्रभाव गहरा देखकर उन्होंने कंट्रोल रुम को फोन किया। तब अस्पताल प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। इस दौरान दमकलकर्मियों ने चीफ फायर अफसर जगदीश फुलवारी के निर्देशन में सहायक अग्निशमन अधिकारी देवांग, मोहर सिंह के साथ भीषण आग को बुझाने के साथ हौंसला दिखाया।

सिविल डिफेंस और दमकलकमियों की टीम ने अस्पताल कर्मचारियों के साथ मिलकर वार्ड में फंसे मरीजों को शिफ्ट करने का काम भी किया। इस दौरान सिविल डिफेंस के डिप्टी कंट्रोलर जगदीश प्रसाद रावत की अगुवाई में मौके पर बचाव राहत कार्य के लिए पहुंची सिविल डिफेंस की टीम भी मरीजों को शिफ्ट करने और आग बुझाने में जुट गई। आग से काफी नुकसान होना बताया जा रहा है।