वनकर्मियों का अारोप- एक विशेष पार्टी को वोट देने का दबाव बना रहे सीएफ पर किसकाे ये नहीं बताया

गुना |वन संरक्षक यानि सीएफ और वनरक्षकों के बीच चल रही खींचतान कलेक्टोरेट तक पहुंच गई। वनरक्षकों ने शुक्रवार को ज्ञापन देकर आरोप लगाया कि सीएफ डीएस कनेश उन पर एक पार्टी विशेष को वोट डालने व डलवाने का दबाव बना रहे हैं। इसी दौरान वहां सीएफ भी पहुंच गए और उन्होंने कर्मचारियों को जमकर फटकार भी लगाई। बाद में उन्होंने आरोप लगाया कि जिले में 50 हजार हेक्टेयर वन भूमि पर कब्जा है और मैंने इसकी जांच की है। इसमें दोषी पाए गए वनकर्मियों एवं अधिकारियों पर कार्रवाई होना है। इसी वजह से यह सारा खेल रचा जा रहा है। वन कर्मचारियों ने अपना ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर विशाखा देशमुख को सौंपा है। हालांकि इस मुद्दे पर उनकी प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई।

महिला कर्मचारी का मामला भी उठा : गुरुवार को ही वन विभाग में एक और विवाद उठा था। इसमें आरोप लगाया गया कि सीएफ ने एक महिला कर्मचारी के साथ अभद्रता की। इस मामले में भी डिप्टी कलेक्टर विशाखा देशमुख विभाग के दफ्तर पहुंची।

जांच के घेरे में हैं मैदानी अमला, इसलिए झूठे आरोप लगा रहे हैं : उधर सीएफ का कहना है कि यह सारे विवाद इसलिए खड़े किए जा रहे हैं कि मैं वन भूमि पर कब्जों की जांच न करा पाऊं। उन्होंने दावा किया कि 10 से 12 अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर इसमें कार्रवाई होना है।