ऑफ द रिकार्ड: भाजपा-कांग्रेस के वार रूम्स में मंथन

नई दिल्ली: 5 चरणों में 26 राज्यों की 424 सीटों पर मतदान होने के बाद भाजपा और कांग्रेस दोनों के वार रूम्स में अपनी-अपनी जीत की संभावनाओं पर मंथन शुरू हो गया है। भाजपा के आंतरिक सूत्रों की मानें तो पार्टी 245 से ज्यादा सीटें जीत सकती है वहीं कांग्रेस के वार रूम को भरोसा है कि पार्टी कम से कम 145 सीटें जीतेगी। भाजपा के वार रूम में 55 विश्लेषक व डाटा विशेषज्ञ तैनात हैं जो सभी सीटों का विवरण मोदी व शाह को दे रहे हैं।

भाजपा उन 438 सीटों पर नजर गढ़ाए हुए है जिन पर वह चुनाव लड़ रही है। सहयोगियों से तालमेल व उनकी सीटों की जानकारी उपलब्ध करवाने व डाटा की मैङ्क्षचग के लिए भाजपा वार रूम में एक अन्य टीम तैनात की गई है। इसके अलावा भाजपा ने 3 एजैंसियों को भी हायर किया है जो महत्वपूर्ण राज्यों जैसे  यू.पी., पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, राजस्थान आदि में सर्वे कर रही हैं। यही नहीं, सतही जानकारी देने के लिए संघ ने भी अपने हजारों स्वयंसेवकों को उतार दिया है। हालांकि पहले दो चरणों में संघ व भाजपा में कोई तालमेल नहीं दिखा।

वार रूम के बड़े लोगों, राज्यों के प्रभारियों व संघ नेताओं के साथ मोदी खुद बात कर रहे हैं। इसके साथ-साथ इंटैलीजैंस ब्यूरो की राजनीतिक इकाई भी मोदी को 24 घंटे अपडेट दे रही है। आई.बी. का चुनावों में इस्तेमाल कोई नई बात नहीं है। यह सिलसिला इंदिरा के जमाने से चला आ रहा है। भाजपा खुद मान कर चली है कि उसे राजस्थान, एम.पी., यू.पी., छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में पहले के मुकाबले कुछ नुक्सान होगा, लेकिन पार्टी को उम्मीद है कि इसकी भरपाई पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, कर्नाटक आदि राज्य कर देंगे।

बिहार में महागठबंधन की हालत पतली है जहां उनकी सीटें आधा दर्जन से भी कम आ सकती हैं, वहीं पटना साहिब से शत्रुघ्न सिन्हा की हालत भी पतली है। कांग्रेस पार्टी को यू.पी. में 11-13, राजस्थान में 15, एम.पी. में 14, पंजाब में 6-7, असम में 6, गुजरात में 11-13, छत्तीसगढ़ में 8 सीटें जीतने की उम्मीद है। कांग्रेस को लगता है कि भाजपा को 175 से ज्यादा सीटें नहीं मिलेंगी।