सरकारी योजनाओं के गुणगान पर भड़के डॉक्टर, सुमित्रा महाजन के हाथों से छीना माइक

इंदौर: मध्यप्रदेश में लोकसभा चुनाव के चलते माहौल गरमाया हुआ है। कहीं कहीं तो नेताओं को जनता की नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है। ताजा मामला इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के कार्यक्रम में पहुंची लोकसभा स्पीकर और इंदौर की वर्तमान सांसद सुमित्रा महाजन का है। जहां उन्हें डाक्टरों की नाराजगी का सामना करना पड़ा। ताई यहां भाजपा के समर्थन में वोट की अपील करने पहुंची थी और सरकारी योजनाओं का बखान कर रही थी, जो डॉक्टरों को नगवार गुजरी और वे भड़क उठे। बात इतनी बिगड़ गई कि एक डॉक्टर ने तो उनके हाथ से माइक छीन लिया। हालांकि बाद में माहौल को शांत हो गया।

दरअसल, शुक्रवार को ताई बीजेपी के समर्थन में वोटिंग अपील करने इंदौर के इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंची थी। वहां उन्होंने सरकारी योजनाओं स्वच्छ भारत योजना, उज्जवला योजना, आय़ुष्मान योजनाओं का बखान करना शुरु कर दिया। इतना ही नहीं ताई ने लोकसभा चुनाव को राष्ट्रवाद का चुनाव बताते हुए कहा कि सरकार के एक भी मंत्री पर एक पैसे के भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा है। महाजन ने कहा कि सामान्य ऑपरेशन के अस्पताल तीन से चार लाख रुपए ले रहे हैं। लोग मेरे पास मदद के लिए आते हैं। कई बार अस्पताल के बिल देखकर मैं चौंक जाती हूं। इतना सुनते ही यूरोलॉजिस्ट डॉ. केएल बंडी और डॉ. नरेंद्र पाटीदार ने मेडिक्लेम भड़क उठे और उन्होंने सरकार की आयुष्मान योजना पर सवाल खड़े कर दिए और ताई के हाथ से माइक छीन लिया। डॉ ने कहा आप मुझे एक बिल बताएं, जिसमें अस्पताल ने एवरेज बिल तीन से चार लाख का दिया हो। मैं डॉक्टरी छोड़ दूंगा।

इस पर महाजन ने कहा मैं विरोध नहीं कर रही हूं। यहां सेवा करने वाले भी हैं। मुझे भी गुस्सा आता है, लेकिन मैं दिखाती नहीं हूं। इस पर डॉ. बंडी बोले हमारे पेशे को गिराया जा रहा है। मरीज के पास आयुष्मान कार्ड है। बीपीएल कार्ड होता है। यह डॉक्टरों के साथ कौन सा न्याय है। योजनाओं का पैसा सरकार हमें समय पर नहीं देती। अस्पताल से काम करवा लेती है। जिसका कारण भ्रष्टाचार है। आप ऐसा कानून लाएं कि यदि रिफंड समय पर नहीं होता तो छह प्रतिशत ब्याज से पैसा दिया जाएगा। सरकार हमें पीछे कर रही है। हमारे पेशे को सम्मान मिलना चाहिए।