गैंगस्टर के तीन नाम, ऐसे बनवाया पासपोर्ट और घूम आया दुबई और बैंकॉक

इंदौर। क्राइम ब्रांच ने जिस गैंगस्टर को प्राणघातक हमले के आरोप में पकड़ा उसने चौंकाने वाला खुलासा किया है। उसने कबूला कि 17 प्रकरण दर्ज होने के बाद भी उसने पासपोर्ट बनवा लिया था। वह दुबई और बैंकॉक की यात्राएं भी कर चुका है। क्राइम ब्रांच को ढाई वर्ष पूर्व इस बात की जानकारी लग चुकी थी।

क्राइम ब्रांच ने शुक्रवार दोपहर कुख्यात गैंगस्टर राजू गाइड उर्फ राजेंद्र सिंह तोमर को उस वक्त गिरफ्तार किया जब वह साथी चीकू यादव के साथ सरेंडर होने जा रहा था। राजू के विरुद्ध हत्या, हत्या की कोशिश, जालसाजी सहित कई गंभीर धाराओं में 17 मुकदमे दर्ज हैं। उसने 8 दिसंबर 2018 को बेटे, भतीजे व अन्य साथियों की मदद से एक युवक पर गोलियां भी चलाई थीं। शनिवार को एएसपी प्रशांत चौबे और सीएसपी हरीश मोटवानी ने परदेशीपुरा थाने में पूछताछ की तो कबूला कि वह विवादित जमीन की खरीद-फरोख्त करने लगा था। एसआई टीआर चौहान के मुताबिक, राजू के तीन नाम हैं। उसने जरूरी दस्तावेज और पासपोर्ट भी सुभाष के नाम से बनवा रखे हैं।

बड़े बिल्डरों की जमीन के पेपर गिरवी रख करोड़ों रुपए कर्ज भी देता है। कई पुलिसवालों से उसका सीधा संपर्क है। तमाम प्रकरण दर्ज होने के बाद भी राजू ने 10 साल पूर्व खजराना थाने से पासपोर्ट बनवा लिया था। उसमें खुद का नाम सुभाष पिता देवीसिंह तोमर और पता सर्व संपन्न नगर दर्शाया था।

क्राइम ब्रांच के छापा मारते ही जलाया, एसटीएफ ने दबाई जांच

गुंडे राजू को तत्कालीन क्राइम ब्रांच एएसपी विनय पॉल ने ढाई वर्ष पूर्व जमीन की हेराफेरी और धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया था। उस वक्त गुंडे ने पुलिस आने की भनक लगते ही पासपोर्ट को जला दिया था। हालांकि पूछताछ में उसने यह कबूला कि वह विदेश यात्राएं कर चुका है। इस सूचना के बाद स्पेशल टॉस्क फोर्स ने पासपोर्ट की जांच शुरू की थी। एएसआई अमित दीक्षित ने उसके बयान लिए और जांच दबाकर बैठ गए।