असम में बाढ़ का कहर, काजीरंगा नेशनल पार्क जलमग्न, 17 की मौत, पीएम ने की हालात की समीक्षा

गुवाहाटी। असम में बाढ़ का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। ब्रह्मपुत्र समेत राज्य की सभी प्रमुख नदियां उफान पर हैं। काजीरंगा नेशनल पार्क का 90 फीसद हिस्सा पानी में डूब गया है। इससे शिकार रोकने के लिए बनाई गई 199 में से 155 चौकियां प्रभावित हुई हैं, जिसके चलते पार्क प्रशासन को रात-दिन चौकसी बरतनी पड़ रही है।

काजीरंगा नेशनल पार्क की मंडल वन अधिकारी रोहिनी बल्लभ सैकिया ने कहा कि वन रक्षकों के अलावा राज्य आपदा राहत बल (एसडीआरएफ) की टीम को भी पार्क की सुरक्षा में लगाया गया है। वन रक्षक जान जोखिम में डालकर नाव और मोटरबोट से सुरक्षा पर नजर रख रहे हैं।

काजीरंगा नेशनल पार्क दुनिया भर में गैंडे की सबसे ज्यादा आबादी के लिए जाना जाता है। बाघ, हाथी, बंदर और कस्तूरी मृग भी यहां पाए जाते हैं।

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र शेखावत ने मंगलवार को यहां मुख्यमंत्री सोनोवाल के साथ बैठकर बाढ़ के हालात की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि हालात से निपटने के लिए केंद्र ने राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष को 251.55 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल से बात कर बाढ़ के हालात का जायजा लिया। उन्होंने हर संभव मदद का भरोसा भी दिलाया है।

राज्य में बाढ़ से सभी 33 जिलों में हालात खराब हो गए हैं। अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है और 45 लाख लोग प्रभावित हुए हैं।