केंद्र तमिलनाडु में हिंदी नहीं थोप रहा : सीतारमण

चेन्नई: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कहा कि केंद्र सरकार तमिलनाडु में हिंदी थोपने का कोई प्रयास नहीं कर रही और तमिल को बढ़ावा देने की भी कोशिश कर रही है। राज्य के सियासी दलों द्वारा हाल में डाक विभाग की परीक्षा सिर्फ अंग्रेजी और हिंदी में कराए जाने को लेकर किए जा रहे विरोध प्रदर्शन की पृष्ठभूमि में यहां सीतारमण ने यह प्रतिक्रिया दी।

विभिन्न दलों ने आरोप लगाया था कि यह एक तरह से तमिलनाडु पर हिंदी थोपने की कोशिश है। द्रमुक के नेतृत्व में राज्य में 1960 के दशक में हिंदी के विरोध में जोरदार प्रदर्शन हुए थे। वित्त मंत्री ने कहा कि इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जाना चाहिए कि यह भाषा को थोपे जाने जैसा है। उन्होंने कहा, ‘केंद्र सरकार हिंदी नहीं थोपती।

अगर कहीं, प्रशासनिक स्तर पर कुछ होता है तो इस नतीजे पर मत पहुंचिए कि यह थोपा जा रहा है। निश्चित रूप से कुछ थोपा नहीं जा रहा है। हम भी तमिल के विकास से जुड़े हैं।’ केंद्र की ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ योजना के तहत, देश के उत्तरी राज्यों में तमिल को भी लोकप्रिय बनाने का प्रयास किया जा रहा है।