कर्नाटक, सोनभद्र के मुद्दों पर हंगामे के कारण राज्यसभा कार्रवाई 2 बजे तक स्थगित

नई दिल्लीः कर्नाटक, सोनभद्र और मानवाधिकार के मुद्दों पर हंगामे के कारण सोमवार को राज्यसभा में प्रश्नकाल नहीं हो सका और सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी गयी।

इससे पहले सुबह में कार्यवाही शुरु होने पर भी हंगामे के कारण शून्यकाल नहीं हो सका था और कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गयी थी। उप सभापति हरिवंश ने प्रश्नकाल शुरु करने की कोशिश की लेकिन कांग्रेस के साथ ही तृणमूल कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी के सदस्य जोर जोर से बोलने लगे।

हरिवंश ने सदस्यों से शांत रहने और प्रश्नकाल चलने देने की अपील की लेकिन कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के सदस्य सदन के बीचोंबीच पहुंचकर हंगामा करने लगे। इसी दौरान उप सभापति ने कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी। सुबह में सदन की कार्यवाही जैसे ही शुरु हुई, नियमित कामकाज निबटने के बाद दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व लोकसभा सदस्य शीला दीक्षित को भावभीनी श्रधंजलि अर्पित की गई और उनकी स्मृति में दो मिनट का मौन रखा गया।

उपसभापति एम वेंकैया नायडू ने शून्यकाल के लिए सदस्यों का नाम पुकारने से पहले बताया कि विपक्षी सदस्यों ने मॉब लिंचिंग, कर्नाटक और मानवाधिकार मुद्दे पर नोटिस दिया था लेकिन उन्होंने उसे स्वीकार नहीं किया है। यह सुनते ही विपक्षी सदस्य भड़क गए और कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी  और वाम दल के सदस्य सीट से खड़े होकर हंगामा करने लगे।

नायडू ने कहा कि कर्नाटक के मुद्दे अदालत में विचाराधीन है और मानवाधिकार का मुद्दा 2018 का है इसलिए सदन की कार्यवाही स्थगित नही की जा सकती है लेकिन विपक्षी सदस्य नही माने और वे हंगामा करते रहे। यह देखकर नायडू ने सदन की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी थी।