सीएम ने दी सहमति – सागर को मिली नए विश्वविद्यालय की सौगात

सागर। डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय के संस्थापक डॉ. हरीसिंह गौर के बाद अब सरकार ने सागर में नया राजकीय विवि खोले जाने की सहमति देकर सागर के लोगों की करीब दस साल पुराने संघर्ष को पूरा करने की घोषणा की है।मुख्यमंत्री की सहमति के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने अगले सत्र में सागर में विवि के लिए अलग से विधेयक लाने का प्रस्ताव रखकर सदन से सहमति दी है। विवि की चर्चा के बाद शहर में जश्न का दौर शुरू हो गया और लोगों ने एक – दूसरे को मिठाइयां खिलाकर खुशियां मनाई।

जानकारी के अनुसार सदन में अलग से सरकारी विवि की चर्चा में जब छिंदवाड़ा विवि की चर्चा हुई तो नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने सागर में विवि बनाने की मांग रखी। जिस पर सीएम कमलनाथ ने सहमति दे दी। जनवरी 2009 में डॉ. हरीसिंह गौर विवि को केंद्रीय विवि बनाए जाने के बाद सागर में एक अलग विवि की मांग उठने लगी थी।

शासन द्वारा इसके लिए अलग से कुछ राशि भी जारी की गई थी, लेकिन सागर में अब तक विवि का निर्माण नहीं हो सका था। विवि के केंद्रीय विवि बनने से देश के दूसरे शहरों के होनहार छात्र पढ़ाई करने के लिए सागर आने लगे हैं, जिस कारण स्थानीय लोगों के लिए ही आज विवि में पढ़ाई करने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।

शास. कॉलेज में खड़े होकर कर रहे पढ़ाई, कई प्रवेश से वंचित

कम प्रतिशत होने के कारण जहां कई बच्चों को डॉ. हरीसिंह गौर विवि में प्रवेश न मिलने के कारण वह परेशान हो रहे हैं तो कई विद्यार्थियों को अग्रणी कॉलेज कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय, गल्र्‌स डिग्री कॉलेज में भी एडमीशन लेने दिन रात एक करना पड़ रहा है। आलम यह है कि कई विद्यार्थी शास. कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय एवं डिग्री कॉलेज में ठूंस-ठूंस कर भरे हुए नजर आ रहे हैं और टीचर के पढ़ाने और ब्लैक बोर्ड में बच्चों को समझाने के दौरान 10 से 15 सीट पीछे बैठे बच्चों को न तो साफ दिखाई देता है और न ही ठीक तरह से सुनाई देता है।

समस्या सामने आने के बाद शुरू हुआ आंदोलन

विवि और शास. कॉलेज में प्रवेश न मिलने के कारण 2010 से ही छात्रों की परेशानी सामने आने लगी थी, लेकिन जब अलग से विवि की घोषणा नहीं हुई तो लोगों ने सड़कों पर उतरकर विरोध जताना शुरू कर दिया था। विवि छिनने के कारण कई लोग केंद्रीय विवि का दर्जा वापिस लेने या फिर जल्द से जल्द नया विवि देने मंत्री, मुख्यमंत्री से लेकर राष्ट्रपति तक ज्ञापन देकर मांग कर चुके थे। समाजवादी चिंतक रघु ठाकुर, जनप्रतिनिधि से लेकर सागर अधिकार मंच के सदस्य लगातार यह मांग उठा रहे थे।

सागर अधिकार मंच ने मिठाई बांटकर मनाई खुशियां

सागर में राजकीय विश्वविद्यालय को सदन में मंजूरी मिलने पर सागर अधिकार मंच के सदस्यों ने मिठाई बांटकर खुशी मनाई। मंच के सदस्यों द्वारा लंबे समय से सागर में राजकीय विश्वविद्यालय और आईटी पार्क जैसी प्रमुख मांगे की जा रही थी। पिछले दिनों सागर अधिकार मंच ने जिले के सभी जनप्रतिनिधियों व नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव को पत्र भी लिखा था। आज सदन में सहमति बनने पर मंच के सदस्यों ने मिठाई बांटकर खुशियां मनाई और अध्यक्ष श्याम सिपोल्या ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर मंच के सयुक्त सचिव श्री नंदन शुक्ला, रविन्द्र दवे, शिवा पुरोहित, शोएब कुरैशी, रूपेश जैन एवं अनुज गौतम आदि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री का नागरिक अभिनंदन किया जाएगाशहर की बहुप्रतीक्षित मांग को लेकर हर शहरवासी खुश है। कांग्रेस के कार्यवाहक जिलाध्यक्ष अखिलेश केशरवानी का कहना है कि राजकीय विवि की घोषणा होने पर मुख्यमंत्री का नागरिक अभिनंदन किया जाएगा। उन्होंने इस उपलब्धि पर समाजवादी चिंतक रघु ठाकुर, डॉ. बद्री प्रसाद एवं सुखदेव तिवारी के प्रयासों को बधाई का पात्र बताया है। श्री केशरवानी ने कहा कि राजकीय विवि बनने से सागर शिक्षा का हब बनकर उभरेगा।

संघर्ष करने वाले सभी बधाई के पात्र

मुख्यमंत्री ने विधानसभा में सागर की बहुप्रतिष्ठित मांग को खोलने का ऐलान कर शीघ्र विचार कर निर्णय लेने को कहा है। प्रवेश के लिए भटक रहे हजारों छात्रों के लिए यह अच्छी खबर है और उन्हें जल्द राहत मिलेगी। उम्मीद है कि कमलनाथ जल्द कार्य करेंगे। संघर्ष में सहयोग करने वाली जनता और उन राजनीतिक दल के सदस्य जिन्होंने पार्टी में रहकर उनकी आलोचना सहने के बाद भी संघर्ष में शामिल हुए वह सभी बधाई के पात्र हैं। – रघु ठाकुर, समाजवादी चिंतक

सीएम ने हमारी मांग को मूर्त रूप दिया

मुख्यमंत्री की घोषणा हम सभी के लिए बड़ी खुशी की घड़ी है। 1946 में डॉक्टर हरीसिंह गौर के विश्वविद्यालय स्थापित करने के बाद आज मुख्यमंत्री कमलनाथ ने राजकीय विश्वविद्यालय की सदन में घोषणा की है। ये दोनों दिन सागर वासियों के लिए बेहद खुशी के दिन है। मंच की उठाई मांग को मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मूर्त रूप दे दिया है। – श्याम सिपोल्या, अध्यक्ष, सागर अधिकार मंच