कच्ची कॉलोनियां नियमित करने को 12 सुझाव,1797 अनधिकृत कॉलोनियों को पहले चरण में किया जाएगा नियमित

नई दिल्ली: अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से भेजे गए मसौदे की स्टडी कर दिल्ली सरकार ने बुधवार को 12 सुझाव भेज दिए। केंद्र सरकार को भेजे इस सुझाव में दिल्ली सरकार ने एक जनवरी 2015 की बजाय मालिकाना अधिकारों के लिए मार्च 2019 की नई कट-ऑफ तारीख और मिश्रित भूमि उपयोग की अनुमति को शामिल किया है।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने यह जानकारी देते हुए यहां प्रेसवार्ता में कहा कि केंद्र सरकार का एक हफ्ते पहले प्रस्ताव आया था। हमें उसका जवाब देने के लिए 15 दिन का वक्त दिया गया था। हमने 7 दिन के अंदर हमने अपने कमेंट्स भेज दिए हैं। उन्होंने कहा कि हमने केंद्र सरकार की सारी बातें मान ली हैं। सारी शर्तें मान ली हैं। लेकिन हमने केंद्र सरकार को 12 सुझाव दिए हैं। केजरीवाल ने कहा कि हमारा केवल एक ही मकसद है कि दिल्ली में कच्ची कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को किस तरह से पक्की सड़कें और पक्की रजिस्ट्री दिलवाई जाए। उन्होंने कहा कि पहले चरण में 1797 कोलोनियों को नियमित किया जाएगा, जबकि शेष को दूसरे चरण में किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे बेहद खुशी है कि केंद्र सरकार ने कच्ची कॉलोनियों को पक्का करने का निर्णय ले लिया है। पूरा मसौदा बनकर तैयार हो गया है। केंद्र सरकार भी तेजी दिखा रही है और हम लोग भी तेजी दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी फरवरी 2015 में सरकार बनी थी,उसके चंद महीने बाद नवंबर 2015 में कैबिनेट से प्रस्ताव पारित करके 12 नवंबर 2015 को केंद्र सरकार को दिल्ली की कच्ची कॉलोनियों को पक्का करने का प्रस्ताव भेजा था। अब उन्होंने हमारे कमेंट्स के लिए फाइनल प्रस्ताव हमारे पास भेजा और हमने अपने सुझाव दे दिए हैं। उन्होंने कहा कि हमारे लिए दिल्ली में कच्ची कॉलोनियों को पक्का करना इस वक्त हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। दिल्ली की कच्ची कॉलोनियों में रहने वाले लोगों के साथ अभी तक अन्याय हुआ है।

ये हैं सुझाव, केंद्र की शर्तें भी मान्य होंगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने केंद्र सरकार को 12 सुझाव भेजे हैं और ये हमारे सुझाव हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जो सुझाव मानना चाहे, उसे माने,जो ना मानना चाहे,उसकी मर्जी है। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि ये स्कीम जल्द से जल्द लागू हो,ताकि दिल्ली के लोगों को उनका हक मिल सके। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जो भी शर्तें लगाएगी,वो हमको मान्य हैं।
1. केंद्र सरकार द्वारा 50 प्रतिशत बिल्टअप एरिया वाली शर्त जो कि 1 जनवरी 2015 तक रखी गई है,उसे बढ़ाकर 31 मार्च 2019 तक कर दिया जाए।
2. 30 जून 2019 तक जितने लोगों ने अपनी जीपीए करा ली है,उन सभी जीपीए को वैध माना जाए और उसी के आधार पर मालिकाना हक दिया जाए।
3. एक जुलाई 2019 तक जितनी कच्ची कॉलोनियां दिल्ली में बन चुकी हैं,उनकी एक सूची बनाकर दूसरे चरण में उन सभी को पक्का घोषित किया जाए।
4. भविष्य में दिल्ली में कोई नई कच्ची कॉलोनी बनती है तो संबंधित एसडीएम,एसएचओ व एमसीडी अधिकारी को बर्खास्त किया जाए।
5. तीन कॉलोनियों सैनिक फार्म,महेंद्रू एनक्लेव व अनंत राम डेरी को केंद्र सरकार ने पक्का करने के दायरे से बाहर रखा है,यह आर्टिकल 14 का उल्लंघन है। इन तीनों कॉलोनियों को भी अन्य कॉलोनियों के साथ रेगुलराइज किया जाए।
6. इन कॉलोनियों को रेगुलराइज करते समय जो जमीन की और पेनाल्टी की कीमत अदा करनी होगी,उसके लिए बैंक से लोन की सुविधा की जाए,ताकि गरीब लोग आसानी से इस राशि को जमा करा सकें।
7. डीडीए के नक्शे बनाने का इंतजार करने की बजाय विभिन्न आरडब्ल्यूए और दिल्ली सरकार के जीएसडीएल विभाग द्वारा सेटेलाइट के जरिए बनाए गए मौजूदा नक्शों के आधार पर तुरंत रजिस्ट्रियां खोल दी जाएं।
8. यमुना बांध के अंदर जो कॉलोनियां आ रही हैं उन्हें रेगुलराइज ना किया जाए। यमुना बांध के बाहर वाली कॉलोनियों को रेगुलराइज कर दिया जाए।
9. इन कच्ची कॉलोनियों में जो सरकारी जमीनें हैं वह दिल्ली सरकार को द्वितीय कैटेगरी के मूल्य पर स्कूल,अस्पताल एवं अन्य सुविधा की चीजें बनाने के लिए हस्तांतरित कर दी जाए।
10. कच्ची कॉलोनियों को नजदीकी कॉलोनियों में जो सबसे निम्न स्तर की कैटेगरी की कॉलोनी है उससे भी नीचे माना जाए।
11. जिन कॉलोनियों में फॉरेस्ट का पैच,एएसआई का पैच है,उसको छोड़कर बाकी कॉलोनी को रेगुलराइज कर दिया जाए।
12.इन कच्ची कॉलोनियों में लोगों ने दुकानें भी खोल रखी हैं,इन कॉलोनियों की जमीन को मिक्स यूज लैंड घोषित किया जाए।