गैंगवार: युवक पर दम तोड़ने तक गोलियां बरसाते रहे बदमाश

नई दिल्ली: राजधानी में मंगलवार देर रात अज्ञात बदमाशों ने एक कार सवार युवक की गोली मार कर हत्या कर दी। बदमाशों ने कार सवार युवक को तब तक गोलियां मारी जब तक उसकी मौत नहीं हो गई। वारदात को उत्तर पूर्वी जिला के वेलकम इलाके का है। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। सूत्रों का दावा है कि इमरान की हत्या गैंगवार में की गई, जबकि पुलिस उपायुक्त अतुल कुमार ठाकुर इमरान की हत्या गैंगवार में होने से इंकार किया। हत्या की इस वारदात मे रंजिश से इंकार नहीं किया जा सकता है। मौत होने तक मारते रहे गोलियां: शिव मंदिर के पास बाइक सवार दो लड़कों ने उसकी कार को ओवरटेक कर रुकवाया और उस पर गोलियां बरसा दी। बदमाश इमरान को तब तक गोलियां मारते रहे, जब तक वह मर नहीं गया। जिस अंदाज में बदमाश इमरान को तब तक गोलियां मारी उससे साफ है कि बदमाश, युवक हत्या के इरादे से ही आए थे। वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश फरार हो गए। एक राहगीर ने मामले की जानकारी पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची।

बदमाशों ने चलाई 15 गोलियां  
बदमाशों ने 15 से 16 गोलियां चलाई जिसमें से मृतक को 7 से 8 गोलियां लगी हैं जिससे उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मृतक युवक का नाम इमरान (36) है। हत्या की वारदात को रात लगभग 12:30 बजे अंजाम दिया गया। पुलिस यह भी पता कर रही है कि हत्या की वजह क्या है। उत्तर पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त अतुल ठाकुर ने बताया कि पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल कर मामले की तफ्तीश कर रही है।

8 साल पहले भाई की भी हुई थी हत्या 
साल 2011 में गैंगवार में इमरान के भाई आतिफ की हत्या हो गई थी। आतिफ  कुख्यात गैंगस्टर नासिर का करीबी था, जिसके बाद हाजी मतीन की हत्या हुई। इसमें इमरान व उसके परिवार नाम आया था। उस मामले में इमरान पकड़ा भी गया था। साल 2016 में इमरान को अदालत ने उस मामले से बरी भी कर दिया था। सूत्रों का दावा है कि उसी गैंगवार के नतीजे में इमरान की हत्या की गई है। पुलिस को पता चला है कि  इमरान के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, ऑम्र्स एक्ट के 3 मामले दर्ज थे। फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है।