वर्षा से जलाशय लबालब

टोंक- सवाई माधोपुर ब्यूरो (अजय शेखर शर्मा)
बौंली—  प्रदेश के टोंक, सवाई माधोपुर,दौसा ,  करौली, जयपुर जिलों में बीते 14 घंटे की लगातार बरसात में जहां खेतों में दम तोड़ रही फसलों को नया जीवन दिया है वहीं पानी की किल्लत से जूझ रहे जलाशयों को एक ही रात में लबालब कर दिया। 14 घंटे की अनवरत लगातार वर्षा से जहां किसानों में इस फसल के साथ रबी फसल के होने की अच्छी उम्मीद जगी है वही पानी की किल्लत से जूझ रहे लोगों को बहुत बड़ी राहत मिली है, हालांकि इस लगातार वर्षा से जनजीवन काफी प्रभावित रहा पक्के मकानों दुकानों की छतों से पानी रिसने लग गया, कई गांवों व ढाणियों में बरसाती पानी के कुप्रबंधन के कारण मकानों में पानी भर गया व बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए लेकिन लोगों ने इन सब की परवाह न करते हुए अच्छी बरसात देने के लिए इंद्रदेव का धन्यवाद किया। सावन की हुई इस पहली अच्छी बरसात पर लोगों ने शिवालय में पहुंच भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की तथा एक-दूसरे को बधाइयां  भी दी। तहसील कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार  बौंली मुख्यालय पर  गुरुवार सुबह 8:00 बजे से लेकर  शुक्रवार सुबह 8:00 बजे तक  24 घंटों में 95 मिलीमीटर वर्षा  दर्ज   होने से  यहां मुख्यालय पर 1 जून से  26 जुलाई तक  244 मिलीमीटर वर्षा  हो चुकी है। गौरतलब है कि गुरुवार रात 10:00 बजे से शुरू हुआ वर्षा का सिलसिला शुक्रवार दोपहर 12:00 बजे तक अनवरत चलता रहा। इस दौर में कभी तेज तो कभी हल्की और मध्यम वर्षा के लगातार चलने से सूखे पड़े एनीकट, तालाब व अन्य जलाशय पानी से लबालब हो गए ।दतवास व बौंली थाना तो टापू बन कर रह गए।  पुलिस कक्षों में बरसाती पानी भर जाने से पुलिसकर्मियों को बेहद परेशानी उठानी पड़ी। कई नालों और नदियों में पानी की आवक हो जाने से कुछ समय के लिए आवागमन भी प्रभावित हो गया। सवाई माधोपुर जिले के बौंली क्षेत्र के बड़ागांव सरवर, डिडवाडी में खेतों के लबालब हो जाने व रास्तों से पानी नहीं निकलने के कारण बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए ।इस बरसात से बौंली मुख्यालय के अब तक सूखे पड़े नागोलाव, खारेला व भीमसागर बांध सहित कई तालाबों में पानी की अच्छी आवक हो जाने से किसानों में रबी फसल की आस जगी है ।ढील बांध में भी अच्छी पानी की आवक होने के समाचार मिले हैं। हालांकि इस वर्षा के चलते विद्यालयों में शिक्षक तो पहुंचे लेकिन बच्चे नहीं पहुंच पाए।  क्षेत्र में करीबन 12:00 बजे बाद वर्षा के थमने पर लोग घरों से निकले व जलाशयों में आए पानी को देखने के लिए उमड़ पड़े हालांकि बरसात थमने के बाद भी वर्षा का मौसम बना रहा और रिमझिम वर्षा का क्रम चलता रहा।