देश में कुल जमा होने वाले आयकर का 50% से अधिक हिस्सा देते हैं देश के यह दो राज्य

सात पैन कार्ड धारकों में से सिर्फ एक ही जमा करता है आईटीआर
जून 2019 तक देश में कुल 46 करोड़ पैन कार्ड जारी हुए थे लेकिन इनमें से कुल 6.3 करोड़ आईटीआर दाखिल हुए। इस तरह सात पैन कार्ड धारकों में से केवल एक ने ही आईटीआर दाखिल किया।

आयकर से राजस्व मेें वृद्धि
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड द्वारा हाल ही जारी आंकड़े के अनुसार बीते वर्ष में आयकर से कुल 11.38 लाख करोड़ रुपये राजस्व के रूप में प्राप्त हुए जो पिछले वर्ष की तुलना में 13.5 फीसद अधिक था। पिछले दो दशक के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2000 से अब आयकर राजस्व की औसत सालाना वृद्धि दर 16.9 फीसद रही है।

वर्ष               कुल राजस्व
2000-01     68 हजार करोड़
2004-05    1.33 लाख करोड़
2009-10    3.78 लाख करोड़
2014-15    6.96 लाख करोड़
2018-19    11.38 लाख करोड़

दो करोड़ लोग रिटर्न भरते हैं पर नहीं देते कोई टैक्स

प्रति व्यक्ति आयकर आईटीआर संख्या कुल जमा (करोड़ में) औसत(रुपये)
शून्य  2.02 करोड़ 0 0
5 लाख रुपये तक 2.55 करोड़ 121384 47602
5 से 10 लाख रुपये 5.57 लाख 38314 6.9 लाख
10 से 25 लाख रुपये 2.6 लाख 39004 15 लाख
25 लाख से 1 करोड़ रुपये 87086 39239 45.1 लाख
1 करोड़ से 50 करोड़ 14048 33824 2.4 करोड़
50 से 100 करोड 16 975 60.9 करोड़
100 करोड़ से अधिक 466 239549 514.1 करोड़

कारपोरेट आयकर-

प्रति व्यक्ति आयकर   आईटीआर संख्या कुल जमा (करोड़ में) औसत(रुपये)
शून्य 3.9 लाख 0  0
5 लाख रुपये तक 2.9 लाख 2825 97749
5 से 10 लाख रुपये 34842 2485 7.1 लाख
10 से 25 लाख रुपये  34264 5449 15.9 लाख
25 लाख से 1 करोड़ रुपये  28609 14215 49.7 लाख
1 करोड़ से 50 करोड़ रुपये 18782 102529 5.5 करोड़
50 करोड़ से 100 करोड़ रुपये 412 28669 69.6 करोड़
100 करोड़ से अधिक 466 239549 514.1 करोड़

एक लाख करोड़ से अधिक आयकर देने वाले राज्य
महाराष्ट्र 4.3 (लाख करोड़)

दिल्ली 1.7 (लाख करोड़)

कर्नाटक 1.7 (लाख करोड़)

आईटीआर दाखिल करने वालो की संख्या में 65% वृद्धि

देश में केवल 4 व्यक्ति ही 100 करोड़ से ज्यादा सालाना आयकर जमा कराते हैं।

93%   व्यक्तिगत करदाता 1.5 लाख से कम आयकर देते हैं।

वर्ष 2017-18 में जीडीपी का 6% आयकर से मिला जो पिछले एक दशक में सर्वाधिक रहा।

पिछले 4 सालों में आईटीआर 80% वृद्धि हुई है। यह वर्ष 2013-14 में 3.31 करोड़ तथा वर्ष 2017-18 में 6.85 करोड़  थी।