बौंली— छलकने को आतुर ढील बांध

टोंक- सवाई माधोपुर ब्यूरो (अजय शेखर शर्मा)
बौंली—  क्षेत्र में गत दिवस गुरुवार रात से शनिवार शाम तक चले वर्षा के अनवरत  कृम  से क्षेत्र के रीते  पड़े जलाशयों में पानी की अच्छी आवक होने से क्षेत्र के लोगों में खुशी का माहौल है। क्षेत्र में प्रमुख पर्यटन के रूप में पहचान रखने वाले 16 फुट भराव क्षमता  वाला ढील बांध अब केवल छलकने के कगार पर है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार बांध में रविवार सुबह तक करीबन साढे 15 फुट पानी की आवक हो चुकी थी । बांध के छलकने में केवल 1 फुट पानी के भराव का इंतजार है। इसी प्रकार लालसोट ,मलारना डूंगर ,बौंली क्षेत्र के किसानों की जमीन को सींचने वाले 32 फुट भराव क्षमता के मोरेल बांध में अब तक करीब 21 फुट से अधिक पानी की आवक हो जाने से किसानों के चेहरों पर रौनक लौट आई है। किसानों को इस बांध के आधे से अधिक भर जाने से रबी फसल में सिंचाई के लिए अच्छा पानी मिलने की उम्मीद जगी है। वर्षा का क्रम अभी जारी है तथा दोनों ही बांधों में पानी की आवक भी जारी है। इसी के साथ बौंली कस्बे के 10 फीट भराव क्षमता वाले नागोलाव बांध में भी तकरीबन 8 फुट के लगभग पानी की आवक हो चुकी है ।48 घंटों के दौरान क्षेत्र में हुई वर्षा से जहां करीब करीब सभी एनीकट ,बांध, ताल तलैया लबालब हो चुके हैं वहीं कई जगह जलभराव से जनजीवन भी प्रभावित हुआ है। खासतौर पर गांव में वर्षा  जल के पानी की निकासी का उचित प्रबंध नहीं होने से कई बस्तियों में पानी भर जाने से लोगों के साथ पशु धन को खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है। मोरेल बांध में पानी की आवक लगातार बने होने से प्रशासन पूरी नजर रखे हुए हैं क्योंकि  बांध के मुहाने पर बसे गांव में बांध में पानी की आवक बढ़ जाने से वहां के बाशिंदों को खतरा होने की संभावना बनी रहती है ।  दो वर्ष पूर्व भी बांध में पानी की आवक होने पर प्रशासन ने आसपास के गांवों को खाली कराकर लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया था।  अभी भी प्रशासन ने ग्रामीणों को  लगातार वर्षा के क्रम को देखते हुए सतर्कता  बरतने की नसीहत दी है। फोटो— मोरेल व ढील बांध में आया पानी।