गुरु पूर्णिमा को जेल में बन्द आशाराम के श्रद्धालुओं ने जेल मन्दिर मानकर किया दण्डवत प्रणाम

(गजेन्द्र जाँगिड़)
जोधपुर : हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी गुरु पूर्णिमा के उपलक्ष्य में   जेल में बन्द आशाराम की झलक पाने के लिए सुबह जल्द ही पहुंच गये लेकिन उन्हें कोरोना के चलते जेल में प्रवेश नही करने दिया। भक्तों ने जेल के बाहर “जेल मन्दिर” का नाम देते हुवे रंगोली बनाकर दीप जलाये और दण्डवत प्रणाम कर भावनाओं को प्रकट किया। कोरोना की वर्तमान स्थिति को देखते हुवे एहतियात बरती गई है। जेल में किसी को भी मुलाकात की अनुमति प्रदान नही की गई। सेंट्रल जेल के बाहर रातानाड़ा थाना की सब इंस्पेक्टर सुमन कुमारी के नेतृत्व में मय जाब्ता की तैनाती की गई। सतर्कता और एहतियात बरतते हुवे  आशाराम श्रध्दालुओं को बिना रुके तुरन्त रवाना किया गया। माना जाता है कि आशाराम यौन शोषण के आरोप में जोधपुर की जेल में बन्द है तब से लेकर आज तक प्रत्येक गुरु पूर्णिमा को श्रध्दालु आकर अपनी भावनाएं प्रकट कर चले जाते हैं। हर वर्ष भारी भीड़ को देखते पुलिस प्रशासन सतर्क रहकर अपनी ड्यूटी देते हैं।