Login to your account

Username *
Password *
Remember Me

Create an account

Fields marked with an asterisk (*) are required.
Name *
Username *
Password *
Verify password *
Email *
Verify email *
Captcha *
Reload Captcha
तमिलनाडु/कर्नाटक

तमिलनाडु/कर्नाटक (5)

कर्नाटक विधानसभा चुनाव में अपनी फतह पक्की करने के लिए सभी राजनीतिक पार्टियों ने साम दाम दंड भेद का दांव अपनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। इस लड़ाई में सबसे अधिक वार व पलटवार बीजेपी द्वारा सिद्धारमैया व सत्ताधारी पार्टी कांग्रेस पर किया जा रहा है। कांग्रेस के टिकट बंटवारे पर बीजेपी ने जमकर निशानासाधा, लेकिन अब मौका कांग्रेस के पास है। भाजपा ने जो अपने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की है, उनमें उन तीन उम्मीदवारों के नाम भी शामिल हैं, जो कि साल 2012 में कर्नाटक विधानसभा में पोर्न देखते पकड़े गए थे।  हाल ही में कर्नाटक विधानसभा चुनावों के लिए बीजेपी ने अपने उम्मीदवारों की चौथी सूची जारी की है। भाजपा 224 सीटों वाली कर्नाटक विधानसभा के लिए 220 उम्मीदवारों का ऐलान कर चुकी है।

चाल चरित्र चेहरा बेनकाब
बीजेपी हमेशा टिकट बंटवारे पर चाल चरित्र चेहरा की बात करके अपनी स्वघोषित बढृाई कर खुद ही अपनी पीठ थपथपा लेने का काम करती रही है। कर्नाटक विधानसभा चुनाव में जिस तरह बीजेपी ने इन 3 विधायकों को टिकट दिया उससे पार्टी के इस टैग लाइन की हकीकत सामने आ गई है। एडीआर की रिपोर्ट में भी इस बात का जिक्र है कि बीजेपी के सबसे ज्यादा 12 सांसद-विधायकों के खिलाफ महिलाओं से जुड़े अपराध के मामले में मुकदमा चल रहा है, दूसरे नंबर पर शिवसेना के सात और फिर तृणमूल कांग्रेस के छह सांसद-विधायक हैं। इसमें कुल 45 सांसद और तीन विधायक हैं। महिलाओं के खिलाफ जुर्म में सबसे ज्यादा 12 सांसद-विधायक महाराष्ट्र के हैं तो दूसरे नंबर पर पश्चिम बंगाल के 11 और आंध्र प्रदेश के पांच माननीय हैं। वहीं ओडिशा और आंध्र प्रदेश में पांच-पांच सांसद-विधायक हैं।
 

Nalini Singh@NaliniSingh_
 

All 3 BJP MLAs who were caught watching porn in the Karnataka Assembly, have been given tickets by BJP.

Another Masterstroke by Modi Shah

 
 क्या था मामला

जब कर्नाटक में भाजपा सरकार सत्ता में थी, तब सरकार में मंत्री और भाजपा विधायक लक्ष्मण सावादी विधानसभा की कार्यवाही के दौरान मोबाइल फोन पर पोर्न देखते पकड़े गए थे। उनके साथ उसी सरकार में पर्यावरण मंत्री जे.कृष्णा पालेमर और महिला एवं बाल विकास मंत्री सीसी पाटिल भी लक्ष्मण सावदी के फोन में पोर्न देखने मशगूल थे। ये तीनों जब पोर्न देखने में मशगूल थे तब विधानसभा में सूखे के हालात पर चर्चा चल रही थी। इस दौरान विधानसभा की कार्यवाही कवर कर रहे मीडिया के कैमरों ने इन मंत्रियों को पोर्न देखते रंगे हाथ पकड़ा था। इस घटना के मीडिया में आने के बाद काफी हंगामा हुआ था। विपक्षी पार्टियों ने आरोपी नेताओं के इस्तीफे की भी मांग की थी। हालांकि अपने बचान में मंत्री लक्ष्मण सावादी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था कि ‘मिस्टर पालेमार मुझे पश्चिमी देश में हुए एक महिला के गैंगरेप की वीडियो दिखा रहे थे, जिसे ब्लू फिल्म समझ लिया गया, लेकिन वह ब्लू फिल्म नहीं थी।’

बेंगलूरु। फरवरी में जब कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी कर्नाटक आए थे तो उससे एक सप्ताह पहले ही करीब सोशल मीडिया में पारंगत करीब 10 लोगों की टीम ने बेंगलुरु में डेरा डाल दिया था। उन्हें जिम्मेदारी दी गई थी कि वे सोशल मीडिया के जरिए राहुल के आसपास के मंदिर दर्शनों को प्रचारित करें। सोशल मीडिया पर प्रचार की यह मुहिम तब चर्चा में आई जब येद्दियुरप्पा के साथ बैठक में उनकी सोशल टीम ने हिंदू चुनाव नाम की नई थीम गढ़ दी। इसके बाद 8 घंटे में इस नई थीम पर करीब 3 लाख लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की। इसी तरह से कांग्रेस भी सोशल मीडिया के जरिए विपक्ष पर भरपूर वार कर रही है। अगले महीने होने वाले चुनाव में राज्य में कांग्रेस, भाजपा और जी.डी.एस. ही मुख्य रूप से दावेदार हैं। इन तीनों पार्टियों ने अपनी अपनी तरफ से अच्छे-खासे लोगों की टीम सोशल मीडिया पर लगा दी है।

इसी साल की शुरुआत में मुम्बई की आइरिस नॉलेज नाम की एक संस्था के अनुसार देश की 543 सीटों में से करीब 160 सीटें ऐसी हैं जिन पर सोशल मीडिया काफी प्रभावी रहेगा। वहीं 67 सीटें ऐसी हैं जिन पर इसका प्रभाव थोड़ा कम होगा। जे.डी.एस. के सोशल मीडिया प्रचारक व एक बहुराष्ट्रीय कम्पनी में कार्यरत सी. नवीन का कहना है कि 2013 में 6 मिलियन मतदाताओं में से हमने करीब अढ़ाई लाख को अपनी तरफ सोशल मीडिया के जरिए अपने पाले में किया था। एक सूत्र का कहना है कि इसके लिए पार्टियां 50 हजार से 5 लाख रुपए प्रति माह के वेतन पर इस तरह के सोशल मीडिया एक्सपर्ट को हायर करती हैं।

चेन्नई। तमिलनाडु के गवर्नर बनवारीलाल पुरोहित प्रेस कॉन्फ्रेस के दौरान एक महिला पत्रकार के गाल सहलाकर विवादों में आ गए हैं। पत्रकार के गाल थपथपाते हुए गवर्नर की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है। 78 वर्षीय बनवारीलाल ने प्रेस कॉन्फ्रेस बुलाई थी। इस दौरान एक महिला पत्रकार ने उनसे सवाल पूछा तो बनवारीलाल जवाब देने की बजाए उसके पास आए और गाल सहला कर वहां से निकल गए। गवर्नर की इस हरकत पर वहां मौजूद सभी लोग हैरान रह गए। पत्रकार ने अपने ट्विटर हैंडल पर पूरी घटना की जानकारी दी और लिखा कि गवर्नर की इस हरकत से वह काफी असहज हो गई और उसने अपना कई बार मुंह भी धोया लेकिन पुरोहित की हरकत को वह भुला नहीं पाई।
 महिला ने लिखा कि मैं राज्‍यपाल के ऐसा करने पर आहत हूं और एक महिला को बिना उसकी अनुमति के इस तरह छूना गलत है। वहीं विपक्षी दल डीएमके ने इस घटना को संवैधानिक पद पर बैठे एक व्यक्ति का अशोभनीय कृत्य करार दिया। द्रमुक की राज्यसभा सदस्य कनिमोझी ने भी ट्वीट कर गवर्नर की इस हरकत की निंदा की। बता दें कि इससे पहले भी उनपर राज्यपाल यौन कदाचार का आरोप लग चुका है जिसकी गृह मंत्रालय जांच कर रहा है।

दिल्ली 16 अप्रैल भारतीय जनता पार्टी ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए 82 उम्मीदवारों की अपनी दूसरी सूची जारी की।  पार्टी मुख्यालय में रविवार शाम को हुई पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में इन नामों को मंजूरी दी गयी। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी मौजूद थे। इस बैठक में केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, कर्नाटक में भाजपा के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार बी एस येद्दयुरप्पा , मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्र्री शिवराज सिंह चौहान, केन्द्रीय मंत्री अनंत कुमार समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने शिरकत की।

केन्द्रीय चुनाव समिति के सचिव जगत प्रकाश नड्डा ने सोमवार को सूची जारी की। इससे पहले पार्टी ने 72 उम्मीदवारों की पहली सूची आठ अप्रैल की रात को जारी की थी। पहली सूची में पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार बी एस येद्दयुरप्पा को शिकारीपुरा से तथा श्री के एस ईश्वरप्पा को शिमोगा से टिकट दिया गया है। जबकि श्री जगदीश शेट्टार को हुबली-धारवाड़ मध्य सीट से उतारा गया है। दूसरी सूची के प्रमुख उम्मीदवारों में बेल्लारी सदर से जी. सोमशेखर रेड्डी, नरसिँहराज ने एस. सतीश का नाम शामिल हैं। 

View image on TwitterView image on TwitterView image on Twitter
BJP
 
@BJP4India
 
 

Second list of 82 BJP candidates for ensuing general election to the legislative assembly of Karnataka 2018 finalised by BJP Central Election Committee.

 


गौरतलब है कि कर्नाटक विधानसभा की कुल 224 सीटों के लिये 12 मई को एक चरण में मतदान होगा जिसकी मतगणना 15 मई को होगी। 

कर्नाटक। कर्नाटक विधानसभा चुनावों में भाजपा के लिए सब कुछ अच्छा नहीं चल रहा है और हताश पार्टी नेतृत्व को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मैजिक की जरूरत है ताकि राज्य में उसके पक्ष में संतुलन बनाया जा सके। अब तक भाजपा अध्यक्ष अमित शाह राज्य में चुनावी रणनीति की तैयारी और अभियान का संचालन करते आए हैं। शाह एक के बाद एक मठों का दौरा कर रहे हैं ताकि लिंगायतों और वोक्कालिंगा को अपनी ओर लुभाया जा सके। राज्य में कम से कम 700 मठ हैं। भाजपा राज्य नेतृत्व इस बात को लेकर चिंतित है कि मुख्यमंत्री सिद्धरमैया दिन-ब-दिन अपना आधार मजबूत कर रहे हैं। एक को छोड़कर राज्य के सभी कन्नड़ टी.वी. चैनलों ने सर्वेक्षण में कांग्रेस का पलड़ा भारी दिखाया है।

भाजपा इस बात को लेकर भी पंगु है कि उसका कोई भी राष्ट्रीय नेता कन्नड़ भाषा नहीं बोल सकता। इसके अलावा राज्य के नेताओं में भी एकता नहीं। इसके विपरीत राहुल गांधी ने राज्य का सारा चार्ज सिद्धरमैया को सौंप रखा है और अन्य नेताओं को दृढ़ता से कहा है कि वे मुख्यमंत्री का सहयोग करें। सिद्धरमैया का दलित, ओ.बी.सी. और मुस्लिम वोट बैंक में मजबूत आधार है जबकि भाजपा येद्दियुरप्पा के नेतृत्व में 17 प्रतिशत ङ्क्षलगायतों को एकजुट रखने में संघर्षरत है। मोदी ने संकेत दिया है कि वह ब्रिटेन से वापस लौटने के बाद 20 अप्रैल के उपरांत राज्य में 15 से 18 रैलियों को संबोधित करेंगे।

भाजपा नेतृत्व ने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया है कि वह राज्य के मूड को पार्टी की तरफ मोड़ने में मदद करें क्योंकि राज्य में टी.वी. चैनलों के सर्वेक्षणों ने दिखाया है कि कांग्रेस मतदाताओं में काफी आगे है। प्रधानमंत्री की अधिकांश सार्वजनिक रैलियां जिला स्तर पर होंगी जिससे मतदाता पार्टी के साथ जुड़ सकें। मोदी हर दिन 2 या 3 रैलियों को संबोधित करेंगे। मोदी ने पिछले वर्ष उत्तर प्रदेश में 24 रैलियों को संबोधित किया था। 2015 में बिहार के चुनावों के दौरान उन्होंने सबसे अधिक 31 रैलियों को संबोधित किया था। त्रिपुरा में मोदी ने केवल 4 रैलियां की थीं। भाजपा को उम्मीद है कि राज्य में 1 से लेकर 2 प्रतिशत मतदाताओं का रुख पार्टी की तरफ होने से स्थिति बदल सकती है और मोदी का ‘मैजिक’ ऐसा काम करेगा।

Visitor Counter

Today 250

Week 748

Month 837

All 837

Currently are 194 guests and no members online

Facebook LikeBox

Post Gallery

नाबालिग छात्रा के साथ गैंगरेप

एबीवीपी का सदस्यता अभियान

कश्मीर में शूटिंग करते सलमान खान की ये तस्वीरें हुर्इ वायरल

मैं कभी कास्टिंग काउच का शिकार नहीं हुआ - रणबीर कपूर

Asaram Verdict: रेप पीड़िता के पिता बोले, न्‍याय मिला

मोदी-माल्या पर शिकंजा कसेगी ED, नए अध्यादेश के तहत होगी संपत्ति कुर्क

भगवान बनकर लोगों को लूटने वाले ये चार बाबा भी हैं सलाखों के पीछे

नाबालिग से रेप केस में आसाराम को उम्रकैद, फैसला सुनते ही फूट-फूट कर रोया

आसाराम न्यायालय मे सजा सुनते ही रो पडा