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ओडिसा/पश्चिम बंगाल

ओडिसा/पश्चिम बंगाल (11)

कोलकाता। आगामी पंचायत चुनावों को ध्यान में रखते हुए पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपना घोषणापत्र जारी किया है। लेकिन बीजेपी के इस घोषणापत्र पर विवाद खड़ा हो गया है। दरअसल, बीजेपी ने इस घोषणापत्र में बांग्लादेश दंगों की तस्वीर लगा दी। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, बीजेपी बंगाल ने जो अपने घोषणापत्र पर फोटो लगाई हैं वे साल 2013 में ढाका में हुए दंगों की हैं। पार्टी ने इन तस्वीरों का इस्तेमाल ये दावा करने के लिए किया कि बंगाल में कानून व्यवस्था लचर है। लेकिन इसमें एक तस्वीर को छोड़ दें तो अन्य तस्वीरों का राज्य की कानून व्यवस्था से दूर-दूर तक ताल्लुक नहीं हैं।

बता दें कि मंगलवार को प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने पार्टी के अन्य दिग्गज नेताओं के साथ मिलकर बीजेपी का घोषणापत्र जारी किया था। आगामी पंचायत चुनावों में बीजेपी दूसरी बड़ी पार्टी बनकर उभरने की तैयारियों में जुटी हुई है। बीजेपी द्वारा अपने घोषणापत्र में बांग्लादेश दंगों की तस्वीरों का इस्तेमाल करने को लेकर पार्टी विपक्ष के निशाने पर आ गई है। इस मामले पर तृणमूल कांग्रेस ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए इस कार्य को ठगने वाला बताया है। वहीं अपने बचाव में बीजेपी का कहना है कि इन तस्वीरों का इस्तेमाल बंगाल की स्थिति दिखाने के लिए किया गया है। मीडिया से बातचीत के दौरान इस मामले पर दिलीप घोष ने कहा,“जो वर्तमान में बंगाल की स्थिति है वह इसके माध्यम से हम दर्शाना चाहते हैं।” इतना ही नहीं बीजेपी का यह भी कहना है कि यह गलती से नहीं बल्कि जानकर किया गया है। इन तस्वीरों को लेकर बीजेपी ने अपना बचाव यह कहते हुए किया कि बाग्लादेश दंगों के बाद राज्य में घटी घटनाओं को दर्शाने के लिए इन तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया है।  

भुवनेश्वर। महानदी जल को लेकर उत्पन्न विवाद के बीच मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने छत्तीसगढ़ भाजपा सरकार के साथ ही केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। मुख्यमंत्री पटनायक ने कहा है कि महानदी के पानी को छत्तीसगढ़ एवं केंद्र की भाजपा सरकार ने मिलकर रोका है। महानदी को बचाने की जरूरत है और इसके लिए बीजू जनता दल (बीजद) कार्यकर्ता आगे आए हैं।

राजधानी स्थित बीजद मुख्यालय में राज्यस्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने कहा कि महानदी का पानी सूखती जा रही है। इस पर हम केंद्र सरकार से ट्रिब्यूनल गठन करने की मांग करते रहे मगर केंद्र ने हमारी एक नहीं सुनी। अंत में सुप्रीम कोर्ट ने ट्रिब्यूनल गठन करने का निर्देश दिया, इस बात को पार्टी के नेता एवं कार्यकर्ता राज्य की जनता को घर-घर जाकर बताएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छतीसगढ़ की रमन सरकार महानदी पर बैराज बना रही है और केंद्र की मोदी सरकार उसका समर्थन कर रही है।

दोनों ही भाजपा सरकारों ने महानदी को सुखाने का काम किया है। बीजद कार्यकर्ता लोगों के पास जाकर भाजपा सरकार की कारगुजारी उन्हें बताएं। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने महानदी महासंग्राम नामक पुस्तक का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पुस्तक को गांव-गांव एवं घर-घर तक पहुंचाना है। ताकि लोगों को भाजपा सरकार के रवैये का पता चल सके। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि महानदी को लेकर हमारा स्टैंड शुरू से एक रहा है। हम अपने अंतिम रक्त बूंद तक महानदी के लिए संग्राम जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार महानदी के किनारे ग्रीन सर्कल बनाने की योजना पर काम कर रही है। महानदी कबचाना हमारी प्राथमिकताओं में से एक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ओडिशवासी किसी भी कीमत पर महानदी को सूखने नहीं देंगे। 

उल्लेखनीय है कि 2019 आम चुनाव से पहले बीजद राज्य में महानदी मुद्दे को एक बार फिर सरगर्म करना चाहती है। इस सम्मेलन में बीजद केसांसद, विधायक एवं म्युनिसिपल्टी के चेयरमैन तथा 15 जिला के जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। 

गंगटोक। इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (आइटीबीपी) द्वारा सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थित स्कूलों की मदद के लिए पठनीय पुस्तकों का वितरण की योजना का शुभारंभ किया गया। सीविक एक्शन के तहत इस योजना का शुभारंभ उत्तरी सिक्किम चुंगथाग पास स्थित आइटीबीपी के 11 वीं वाहिनी द्वारा चुंगथाग पाब्लिक स्कूल ने किया। वाहिनी के सेनानी राजेश कुमार तोमर स्वयं विद्यार्थियों में पुस्तक वितरण किया।

इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हालाकि आइटीबीपी सीविक एक्शन के तहत स्थानीय लोगों व विद्यार्थियों के लिए कई सारे योजनाओं को क्रियान्वयन करते आ रहे हैं। जो भविष्य में भी जारी रहेगा। उन्होंने विगत के दिनों में भारत भ्रमण, कंप्युटर प्रशिक्षण, जुडो प्रशिक्षण, योगा प्रशिक्षण आदि देने की जानकारी दिया।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में ज्ञान अभिवृद्धि में किताबी ज्ञान तक सीमित रखना अनुचित होगा। बल्कि स्कूल के किताब के अलावा अन्य पठनीय पुस्तकें भी अध्ययन जरुरी है। ताकि सामान्य ज्ञान बढ़ाया जा सके। इसी ध्येय से आइटीबीपी ने पुस्तकं वितरण करने का निर्णय लिया। उन्होंने विद्यार्थियों के बीच मिठाइया बांटी 

संबलपुर। बीजेपुर उपचुनाव के दौरान घटित हिंसा और डिलेश्वर साहू उर्फ मागी नामक एक बीजद कार्यकर्ता की मौत के बाद गिरफ्तार भाजपा के पूर्वमंत्री व संबलपुर के पूर्व विधायक जयनारायण मिश्र को शनिवार के दिन इलाज के लिए बुर्ला स्थित वीर सुरेंद्र साय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च में भर्ती कराया गया है। 

 बताया गया है कि सीने में दर्द की वजह से उनकी तबीयत बिगडऩे के बाद अदालत के निर्देश पर कड़ी सुरक्षा के बीच अस्पताल में भर्ती कराया गया। वर्तमान में उन्हें हास्पिटल के विशेष केबिन में गया है। डाक्टर के अनुसार पूर्वमंत्री मिश्र उच्च रक्तचाप से पीडि़त है। अपने लोकप्रिय नेता की तबीयत खराब होने का पता चलने के बाद उनके

चहेते और समर्थक हास्पिटल पहुंचने लगे हैं। गौरतलब है कि 22 फरवरी 2018 की रात बरगढ़ जिला के सोहेला थाना अंतर्गत बनाबिरा आश्रम केनिकट बीजेपुर उपचुनाव को लेकर हिंसक झड़प हुई थी। उस दौरान पूर्वमंत्री जयनारायण और उनके समर्थक आश्रम में थे। इस झड़प में बीजद के मंत्री सुशांत सिंह के भाई सुब्रत सिंह और अन्य तीन घायल हो गए थे। दो दिन बाद घायल डिलेश्वर साहू उर्फ मागी की मौत हो गई थी और इसी के बाद सोहेला पुलिस ने झड़प में शामिल आरोपितों की गिरफ्तारी शुरू कर दी थी। सोहेला पुलिस की टीम ने 15 मार्च के दिन पूर्वमंत्री जयनारायण मिश्र और उनके समर्थक शिवकुमार दीवार को संबलपुर से गिरफ्तार कर ले गई थी। तभी से पूर्व मंत्री जयनारायण और उनके समर्थक न्यायिक हिरासत में है।

अप्रैल 17 के दिन स्थानीय धनुपाली पुलिस ने दोनों को एक पुराने मामले की पेशी के लिए संबलपुर लाकर अदालत में हाजिर करने के बाद वापस सोहेला जेल भेज दिया था। संबलपुर में पूर्वमंत्री जयनारायण ने अपनी गिरफ्तारी को बीजद की साजिश बताते हुए खुलासा किया था कि बीजद में शामिल होने से इंकार कर देने के बाद उन्हें झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है। शनिवार के दिन जब पूर्वमंत्री जयनारायण को सोहेला जेल से बुर्ला स्थित मेडिकल हास्पिटल में स्थानांतरित किया गया तब भाजपा नेता नाउरी नायक, गिरिश पटेल एवं अन्य उनके साथ रहे और बताया कि दो दिन पहले सीने में दर्द की शिकायत के बाद जेल प्रबंधन ने अदालत में आवेदन किया था, जिसे मंजूर कर लिए जाने के बाद इलाज के लिए बुर्ला स्थानांतरित किया गया है। गौरतलब है कि वर्ष 2016 में भी जयनारायण को इलाज के लिए नई दिल्ली स्थित एम्स में भर्ती होना पड़ा था जहां उनका ऑपरेशन हुआ था।

कोलकाता। निवेश की तलाश में जुटीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जून के अंत में चीन के दौरे पर जाएंगी। उनकी यात्रा का उद्देश्य बंगाल में चीन से निवेश लाना है। नवान्न सूत्रों के मुताबिक चीन का एक व्यापार संगठन ने मुख्यमंत्री को आमंत्रित किया है। मुख्यमंत्री ने आमंत्रण स्वीकार किया है। उनके साथ राज्य के उद्योगपतियों का एक प्रतिनिधि मंडल में भी चीन जाएगा। चीन में उद्योग सम्मेलन में शामिल होने के अतिरिक्त वह कई शैक्षणिक कार्यक्रम में भी भाग लेंगी। विनिर्माण क्षेत्र में चीन दुनिया में अपनी पहचान रखता है। राज्य में विनिर्माण क्षेत्र में विदेशी निवेश लाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री का चीन दौरा अहम माना जा रहा है। इसके पहले वह जर्मनी, इंग्लैंड समेत कई और देशों का दौरा कर चुकी हैं। मुख्यमंत्री के निमंत्रण पर प्रवासी भारतीय एलएन मित्तल ने जनवरी में कोलकाता में आयोजित बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट में भाग लिया और राज्य में कई क्षेत्रों में निवेश की पेशकश की है।

कोलकाता। पत्नी रत्ना चटर्जी द्वारा कथित तौर पर लगातार दिए जा रहे धमकियों से डरे कोलकाता के मेयर शोभन चटर्जी ने अब स्थानीय थाने पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए पुलिस आयुक्त (सीपी) राजीव कुमार के पास अर्जी लगाई है।

मेयर ने सीपी को चिट्ठी लिखकर पर्णश्री थाने के अधिकारियों के खिलाफ शिकायत की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि पत्नी की आपराधिक मानसिकता के खिलाफ लगातार शिकायतें करने के बाद, कार्रवाई करने की जगह पुलिस वाले पत्नी रत्ना चटर्जी की ही बातें सुन रहे हैं। इसके पीछे उन्होंने पर्णश्री थाने के ओसी पर आरोप मढ़ा है। उन्होंने दावा किया है कि तमाम शिकायतों के बावजूद थाने के ओसी रत्ना की सुविधा के हिसाब से ही काम कर रहे हैं।

उन्होंने इस चिट्ठी में थाना अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई व पत्नी के खिलाफ भी कदम उठाने की मांग की है। उल्लेखनीय है कि उन्होंने मंगलवार को पर्मश्री थाने में तीसरी शिकायत दर्ज कराई थी जिसमें आरोप लगाया था कि महारानी इंद्रा दत्त रोड स्थित उनके पैतृक आवास पर उन्हें घुसने से रोका जा रहा है।

उन्होंने बताया है कि उनके पैतृक आवास पर काफी संपत्ति सहित पत्नी से चल रहे मुकदमें के दस्तावेज हैं। इसके लिए उन्होंने प्राइवेट सुरक्षाकर्मी तैनात किया है और आवास पर आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति का ब्यौरा रजिस्टर में लिखने को उन्होंने कहा है लेकिन आरोप है कि उनकी पत्नी अनजान महिलाओं को लाती हैं और उनका ब्यौरा लिखने के लिए कहने वाले सुरक्षा कर्मियों को धमकाती हैं।

पत्नी पर सजिशन संपत्ति हथियाने का आरोप

उन्होंने आशंका जताई है कि पत्नी उनकी संपत्ति पर हाथ साफ कर सकती है, इसीलिए घर में संदिग्ध लोगों को ला रही है जिनका ब्यौरा भी आवास के रजिस्टर में दर्ज नहीं होने देती हैं। हालांकि मेयर की चिट्ठी के बाद पुलिस ने उनके आवास पर दो पुलिस कर्मियों की तैनाती कर दी है।

गुरुवार से सुबह 8 से रात 12 बजे तेक उनके आवास पर ये दोनों पुलिस कर्मी तैनात किए गए हैं। इसके पहले भी दो लिखित शिकायतें मेयर अपनी पत्नी व उनकी एक सहेली के खिलाफ दर्ज करा चुके हैं जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि पत्नी अपनी सहेली को आपराधिक साजिश के तहत जबरदस्ती घर में ला रही हैं और रोकने पर जान से मारने की धमकी भी दी हैं। इन शिकायतों से संबंधित प्रतियां भी मेयर ने सीपी को दी है। हालांकि इसपर कोलकाता पुलिस आयुक्त ने क्या कदम उठाया है, यह अभी साफ नहीं है।

पत्नी से लड़ रहे हैं तलाक का मुकदमा

ज्ञात हो कि दूसरी ओर एक शिक्षिका से कथित संबंधों को लेकर मेयर ने पत्नी से तलाक का केस हाईकोर्ट में दाखिल किया है, जिस पर सुनवाई चल रही है। पिछली सुनवाई में रत्ना ने साफ कहा था कि वे पति को छोडऩे के मूड में नहीं हैं और इसके लिए जितनी लड़ाइयां लडऩी हैं, लड़ेंगी।  

भुवनेश्वर। राजधानी भुवनेश्वर स्थित कलिंग स्टेडियम में आगामी नवंबर-दिसंबर में होने वाले पुरुष हाकी विश्व कप से पहले राजधानी भुवनेश्वर की रूपरेखा बदल जाएगी। हाकी विश्व कप से पहले राजधानी को वाइफाई शहर में तब्दील किया जाएगा। इसके लिए 75 जगहों पर 300 आसेस प्वाइंट बनाया जाएगा।

लोगों को हाईस्पीड इंटरनेट की सुविधा दी जाएगी। उपभोक्ता को पहले आधा घंटा मुफ्त वाइफाई सेवा दी जाएगी, जबकि इसके बाद प्रयोग करने पर कुछ देय देना होगा। इस संबंध में एक प्रस्ताव पर गुरुवार को राज्य सचिवालय में मुख्य सचिव आदित्य प्रसाद पाढ़ी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में मुहर लग गई है। उसी तरह हाकी विश्व कप को लेकर ब्लू प्रिंट तैयार कर किया गया है। इसे ठीक समय से खत्म करने पर बैठक में जोर दिया गया। इसके अलावा हाकी विश्वकप से पहले राजधानी भुवनेश्वर में 200 नई बसें चलाने के लिए बीपीटीएस योजना बनायी है, जिसमें से 100 नई बस चलाने का निर्णय लिया गया है। जिसमें 50 एसी बस एवं 50 नान एसी बस चलेगी।

इस संबंध में टेंडर प्रक्रिया खत्म हो गई है। 30 अप्रैल तक करारनामा हस्ताक्षर कर लिया जाएगा। सिटी बस के लिए पात्रपड़ा, पटिया एवं पोखरीपुट में डीपो बनाया जाएगा। तीन रूट में सिटी बस को चलाया जाने पर महत्व दिया गया है। कीट चौक से लिंगराज चौक, जनता मैदान से कलिंग स्टेडियम व राजधानी के 20 पर्यटन स्थली को लेकर रूट तैयार किया गया है। इन रूटों पर नियमित अंतराल पर सिटी बसें चलेंगी। 25 अप्रैल तक पर्यटन विभाग को पर्यटन स्थलों की पहचान कर रिपोर्ट देने को कहा गया है। विश्व कप से पहले राज्य सकार राजधानी में 3500 साइकिल देने का निर्णय लिया है, जिसे आमजन किराए पर ले सकते है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया खत्म हो गई है, जबकि 10 मई तक करारनामा प्रक्रिया भी सम्पन्न कर ली जाएगी। विश्वकप से पहले राजधानी के लोग एवं पर्यटकों को एक अनूठा अनुभव मिले इसके लिए ऐतिहासिक पदयात्रा, पथोत्सव, पार्कों में संगीत संध्या, पारंपरिक नृत्य एवं कला शिविर, खाद्य बाजार, चलचित्र महोत्सव आदि आयोजित किया जाएगा।28 नवंबर से 16 दिसंबर तक आयोजित होने वाले हाकी विश्व कप में 16 टीमें भाग ले रही हैं। हर दिन शाम पांच बजे मैच शुरू होगा। 12 एवं 13 दिसम्बर को क्वाटर फाइनल होगा, जबकि 15 को सेमीफाइनल एवं 16 दिसंबर को फाइनल मैच खेला जाएगा। मुख्य सचिव आदित्य प्रसाद पाढ़ी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सचिव अशोक मीना, मोना शर्मा, हेमन्त शर्मा, केल विभाग के सचिव विशाल देव प्रमुख उपस्थित थे।

 

कोलकाता।   पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता और इससे सटे इलाकों में मंगलवार शाम 98 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज हवाओं की चपेट में आने से सात लोगों की मौत हो गई जबकि कई अन्य जख्मी हो गए। तेज हवाओं के कारण शहर का सार्वजनिक परिवहन एवं यातायात भी प्रभावित हुआ। बहरहाल, अपुष्ट सूत्रों के मुताबिक मृतकों की संख्या 13 हो सकती है। 
पुलिस ने बताया कि चार मौतें यहां हुईं जबकि दो की मौत बांकुड़ा और एक ही मौत हावड़ा जिले में हुई। मौसम विभाग के क्षेत्रीय निदेशक जी के दास ने बताया ,‘‘उत्तर - पश्चिम दिशा से 98 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवा ने शाम करीब 7:42 बजे शहर को अपनी चपेट में लिया।’’ पुलिस ने बताया कि शहर में कम से कम 26 जगहों पर पेड़ गिरे जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। कोलकाता नगर निगम ने मलबे की सफाई के लिए एक आपदा प्रबंधन टीम को सक्रिय कर दिया है। अग्निशमन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि शहर के कई हिस्सों से बिजली के कारण आग लगने की सूचनाएं मिली हैं। उन्होंने कहा कि आंधी के दौरान शॉर्ट र्सिकट के कारण न्यू मार्केट पुलिस थाने में अंधेरा छा गया। दफ्तर से घर लौट रहे लोगों को भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा। मेट्रो एवं ट्रेन सेवाएं भी प्रभावित हुईं। कोलकाता मेट्रो रेल के प्रवक्ता ने बताया कि शाम 7:50 बजे से लेकर अगले दो घंटों के लिए मेट्रो सेवाएं बाधित हुईं। पूर्वी एवं दक्षिण - पूर्वी रेलवे सूत्रों ने बताया कि सियालदह और हावड़ा डिवीजनों में उप - नगरीय ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुईं , क्योंकि आंधी के दौरान ट्रेन से जुड़े बिजली के तार टूट गए। सूत्रों ने बताया कि एक रेलिंग का एक हिस्सा हावड़ा स्टेशन पर एक खाली ट्रेन पर जा गिरा। हालांकि, इसमें कोई हताहत नहीं हुआ। हवाई अड्डे के अधिकारियों ने बताया कि कुछ विमानों के आगमन एवं प्रस्थान में भी देरी हुई।      

भुवनेश्वर। हाईकोर्ट के निर्देश पर सोमवार से जगमोहन (भक्तों के एकत्र होकर दर्शन करने का स्थल) भक्तों के लिए खोला गया। भारी संख्या में लोगों ने दर्शन किए। सेवायतों का कहना है कि रत्न सिंहासन के लिए तैनात सेवायतों की संख्या कम है। हाईकोर्ट का यह आदेश अव्यावहारिक है कि जो सेवायत वहां के लिए अधिकृत हैं वही जा सकते हैं। उनका यह भी कहना है कि इससे व्यवस्था बिगड़ जाती है। कोर्ट इस निर्णय पर पुनर्विचार करे। जगन्नाथ सेना नामक संगठन ने सेवायतों के धरने का समर्थन करते हुए कहा कि हाईकोर्ट को अपने निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए।

महाप्रभु श्री जगन्नाथ श्रीमंदिर प्रशासन एवं सेवायत के बीच चल रहा विवाद इस कदर बढ़ गया है कि जगत के नाथ महाप्रभु श्री जगन्नाथ को ना ही भोग लग सका और ना ही महाप्रभु श्री जगन्नाथ सोमवार की रात सो सके। लगभग 40 लाख रुपया का महाप्रसाद नष्ट हो गया। श्रीमंदिर प्रशासन से नुकसान हुए महाप्रसाद की भरपाई की मांग करते हुए सुआर-महासुआर सेवायतों ने श्रीमंदिर एमार मठ के सामने धरना दे रहे हैं। उधर, आज महाप्रभु की मंगल आरती के बाद से अन्य रीति नीति बंद है। वहीं श्रीमंदिर मुख्य प्रशासक प्रदीप जेना ने कहा है कि नीति का विलंब न करें। हाईकोर्ट में पुन: अपील करें। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद से कुछ सेवायतों का जो अधिकार प्रभावित हुआ है, हम सब बैठकर उस पर चर्चा कर सकते हैं। महाप्रभु को उपवास रखना ठीक नहीं है। सेवायतों की जो भी मांग है, उस पर हम चर्चा करने को तैयार हैं। 

जानकारी के मुताबिक हाईकोर्ट के निर्देश पर दो साल दो महीने बाद महाप्रभु को समीप से दर्शन केलिए सोमवार को जगमोहन (महाप्रभु के सामने वाला भाग) को पूर्वाह्न 11 बजे के बजाय अपराह्न में 4:30 बजे पुरी के जिलाधीश एवं एसपी के हस्तक्षेप के बाद खोला गया। भक्तो ने समीप से महाप्रभु का दर्शन किए। हालांकि इसके बाद भी महाप्रभु की रीति नीति में समय से सम्पन्न नहीं हुई और परिणाम स्वरूप ना ही महाप्रभु को भोग लग सका और ना ही सोमवार रात को महाप्रभु का पहुड़ (दरवाजा नहीं बंद हुआ) पड़ा। इससे महाप्रभु पूरी रात उजागर रहने को मजबूर हुए। 

प्राप्त सूचना के मुताबिक सोमवार को सुबह 5 बजकर 40 मिनट पर मंदिर का दरवाजा खुला। इसके बाद एक के बाद एक घटना को लेकर विवाद सामने आने लगा। हाईकोर्ट के निर्देश पर दो साल दो महीने बाद जगमोहन को सोमवार को खोला गया। इससे पहले गर्भगृह (महाप्रभु के विराजमान स्थल, जिसे रत्न सिंहासन भी कहा जाता है) में प्रवेश पर सेवायतों पर लगी पाबंदी को लेकर असंतोष सामने आया। हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि केवल पालिया सेवायत ही गर्भगृह में प्रवेश करेंगे, उनके अलावा और कोई गर्भ गृह में प्रवेश नहीं करेंगे। इससे पहले पालिया सेवायत अपने साथ अपने सहयोगी के तौर पर अपने परिवार के सदस्य को साथ लेकर गर्भ गृह में जाते थे और महाप्रभु की रीति नीति संपादित करते थे। अब जबकि हाईकोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि केवल पालिया सेवायत ही गर्भगृह में प्रवेश करेंगे, ऐसे में अकेले सेवा सम्भव नहीं होने की बात को दर्शाते हुए पालिया सेवायतों ने महाप्रभु की रीति-नीति में विलंब करने की बात पता चल रही है। 

श्रीमंदिर में रीति नीति में गड़बड़ी प्रसंग को लेकर विधानसभा अचल महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी के उपवास एवं रीति नीति में हुई गड़बड़ी घटना पर विधानसभा में भी सरगर्मी देखी गई। विधानसभा में शुन्यकाल प्रारंभ होते ही विरोधी दल नेता नरसिंह मिश्र ने महाप्रभु की रीति नीति में गड़बड़ी का मुद्दा उठाया। विरोधी दल नेता ने इस पर सर्वदलीय बैठक बुलाने एवं सरकार से इस पर जवाब मांगा। शासक दल ने इसे ग्रहण किया और कहा कि श्रीमंदिर प्रशासन के साथ हम संपर्क में है, किस प्रकार से महाप्रभु की नीति ठीक से चले सरकार प्रयास कर रही है। महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी की रीति नीति को लेकर राजनीति करना ठीक नहीं है। यह जवाब विरोधी दल को रास नहीं और सदन में हंगामा शुरू कर दिया। विधानसभा में हो हल्ला जारी रहने से विधानसभा की कार्यवाही को अपराह्न तीन बजे तक मुलतवी घोषित कर दिया है।

कोलकाता। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि चुनाव जनता का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन विपक्षी दल चुनाव में भाग नहीं लेकर नाटक कर रहे हैं। भाजपा और अन्य विपक्षी दल 90 हजार उम्मीदवार उतारे हैं। इसके बावजूद आरोप लगा रहे हैं कि उन्हें नामांकन दाखिल नहीं करने दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने सोमवार को संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि सरकार 15 मई तक पंचायत चुनाव संपन्न कराना लेना चाहती थी। इसलिए कि मई के प्रथम सप्ताह से गर्मी पड़ने लगती है। उसके बाद बरसात का मौसम शुरू हो जाएगा। रमजान का महीना भी शुरू हो जाएगा।

मुख्यमंत्री कहा ने कि कोर्ट के फैसले पर वह कोई टिप्पणी नहीं करेंगी, लेकिन विपक्ष चुनाव में भाग नहीं लेकर नाटक कर रहा है। 58 हजार बूथों में मात्र सात जगहों पर कुछ गड़बड़ी हुई है। एक मीडिया इस बढ़ा-चढ़ा कर पेश करने में लगा है।

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और माकपा पर भाजपा के साथ हाथ मिलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि माकपा और कांग्रेस दिल्ली में एक तरह की बात करती है और पश्चिम बंगाल में सरकार का विरोध करने के लिए भाजपा से मिल जाती है। उन्होंने कहा कि भाजपा दंगा करानेवाली पार्टी है। पूरे देश में लोग भाजपा को नापसंद कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि माकपा के हर्मद अब भाजपा के गुंडे बन गए हैं। 12 हजार किसान आत्महत्या कर चुके हैं। आम जनता के पैसे की लूट हुई है। 

उन्हें भाजपा से ज्ञान लेने की जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार को चुनाव आचार संहिता का पालन करना पड़ता है। वह दफ्तर आ रही हैं लेकिन सभी विकास कार्य ठप है। कोई नया विकास कार्य शुरू नहीं कर पा रही हैं।

पंचायत चुनाव पर एकल पीठ ही सुनाएगी फैसला

पंचायत चुनाव प्रक्रिया पर कलकत्ता हाईकोर्ट की एकल पीठ के स्थगनादेश के खिलाफ दो जजों की पीठ में पहुंची तृणमूल कांग्रेस की याचिका को सोमवार को उसी एकल पीठ में वापस कर दिया गया है।

  

इसके पहले दो जजों की पीठ में याचिका के मद्देनजर सोमवार को भाजपा द्वारा एकल पीठ में दायर मामले की सुनवाई को मंगलवार तक टाल दिया गया। साथ ही चुनाव प्रक्रिया पर लागू स्थगनादेश को भी मंगलवार तक बढ़ा दिया गया। अब दोनों मामलों की सुनवाई मंगलवार दोपहर दो बजे न्यायाधीश सुब्रत तालुकदार की एकल पीठ में होगी।

दो जजों की पीठ ने सुनाई खरी-खरी

सोमवार सुबह साढ़े 10 बजे कलकत्ता हाईकोर्ट के न्यायाधीश विश्वनाथ समद्दार व न्यायाधीश अ¨रदम बंद्योपाध्याय की पीठ में तृणमूल द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई शुरू हुई। सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने तृणमूल के अधिवक्ता व सांसद कल्याण बनर्जी से सख्त लहजे में पूछा कि जब मामला एकल पीठ में विचाराधीन है, तो फैसले का इंतजार किए बिना एकल पीठ को दो जजों की पीठ में क्यों चैलेंज किया?

एकल पीठ में मामले के निपटारे तक इंतजार करने में क्या असुविधा थी? उसके बाद न्यायाधीश के पूछने पर राज्य सरकार ने बताया कि मौजूदा पंचायत का कार्यकाल आगामी अगस्त 2018 तक है। इसके बाद अदालत ने राज्य चुनाव आयोग से पूछा कि क्या आप राज्य सरकार के विचारों से सहमत हैं? तो आयोग के प्रतिनिधि ने सहमति जताई। इसके बाद दो जजों की पीठ ने फैसला शाम 4.30 बजे तक सुरक्षित रखा। और तय समय पर मामले को एकल पीठ के हवाले करने का फरमान सुनाया।

मामले के जल्द निपटारे का निर्देश

मामले को एकल पीठ में भेजते हुए खंडपीठ ने इसके जल्द से जल्द निपटारे का निर्देश दिया, जरूरत पड़ने पर रोजाना सुनवाई की भी सलाह दी।

एकल पीठ में भी एक दिन के लिए टला मामला

इधर, सोमवार को कलकत्ता हाईकोर्ट में न्यायाधीश सुब्रत तालुकदार की एकल पीठ में भारतीय जनता पार्टी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई हुई। हालांकि तब तक खंडपीठ का फैसला नहीं आया था, जिसकी वजह से मामला मंगलवार दोपहर 2 बजे तक टाल दिया गया।

साथ ही स्थगनादेश को मंगलवार तक जारी रखा गया। गौरतलब है कि 12 अप्रैल को न्यायाधीश सुब्रत तालुकदार ने भाजपा की याचिका पर सुनवाई करते हुए पंचायत चुनाव प्रक्रिया पर 16 अप्रैल तक स्थगनादेश जारी किया। साथ ही उसी दिन राज्य चुनाव आयोग से नामांकन संबंधी विस्तृत स्टेट रिपोर्ट भी मांगी गई थी। उसके बाद तृणमूल कांग्रेस ने एकल पीठ के निर्देश को चैलेंज करते हुए दो जजों की पीठ में मामला दायर किया था। 

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